बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस के दौरान डीएम सूर्यपाल गंगवार ने किसानों की शिकायत पर यह निर्देश दिए। किसान दिवस में गन्ना भुगतान का मसला भी उठा।
जिस पर डीएसओ दुष्यंत कुमार ने बताया कि भुगतान के मामले में सीतापुर प्रदेश में पहले नंबर पर है। आगामी दिनों में अधिकतम भुगतान का प्रयास किया जा रहा है।
किसान दिवस में नहरों व तालाबों में पानी न होना, नलकूप खराब होने, बर्बाद फसलों के सर्वे व राहत चेक वितरण में लापरवाही, बिजली संकट आदि मुद्दे भी गूंजे। इस पर सीडीओ शिवेन्द्र कुमार सिंह ने अफसरों को तालाब भरवाने व नहरों में पानी छोड़े जाने के साथ चालू नलकूपों की सूची मुहैय्या कराने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने कहा कि किसान दिवस पर जो समस्याएं आई हैं, उनका समाधान अगले दिवस तक हर हाल में कर लिया जाए। एडीएम सर्वेश दीक्षित ने कहा कि जो अफसर किसान दिवस से गैर हाजिर रहेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अफसरों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सहारे न रहकर अफसर प्रतिदिन क्षेत्रों का स्वयं भ्रमण करें। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह, आरबी यादव, विनय यादव आदि मौजूद थे।
11 हजार 800 किसानों को मिली बीमा की धनराशि
इस माह जिले के समस्त केसीसी कार्ड धारक अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं। बीमा प्रीमियम संबंधित बैंक द्वारा किसान की लिखित सहमति के बाद काटा जाता है। बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। डीएम ने किसानों से अपील करते हुए यह बात कही।
कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि सम्पन्न वर्ष में 16 हजार 280 किसानों ने बीमा कराया था। लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा 11 हजार 800 के खाते में धनराशि भेजी गई है। शेष किसानों के खातों में भी दो दिनों में बीमा की रकम भेज दी जाएगी।