बिसवां से सपा विधायक रामपाल यादव के बेटे व जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव के स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स मंगलवार देर शाम पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। यह होटल व मल्टीप्लेक्स हाईवे किनारे करीब 30 हजार वर्गफिट पर बना था।
मंगलवार को लखनऊ के इंजीनियरों की मदद से इसे पूरे तरह जमींदोज कर दिया गया। टीम के मुताबिक होटल परिसर के पीछे से गुजरी रेल लाइन के कारण निर्माण तोड़ने में थोड़ी परेशानी हुई। इससे काफी दिन लग गए। यह भवन जितेंद्र यादव व व्यापारी नमन अग्रवाल के साझे में बना था।
सीतापुर शहर के बाहर लखनऊ हाईवे पर करीब 30 हजार वर्ग फिट में बना स्पर्श मल्टीप्लेक्स व होटल अपनी खूबसूरती के लिए काफी चर्चित रहा। वहीं इस अवैध निर्माण को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुए। जिला प्रशासन को कई बार नोटिस भी देना पड़ा लेकिन सत्ता के रसूख के आगे हर बार कार्रवाई दबा दी जाती थी।
इसी बीच 28 अप्रैल से इस अवैध निर्माण को तोड़े जाने का सिलसिला शुरू हुआ जो मंगलवार को छठे दिन भी जारी रहा। ईओ, नगर पालिका अनुपम शुक्ला ने बताया कि स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स करीब तीस हजार वर्ग फिट जमीन पर बना था। इस जमीन पर मल्टीप्लेक्स व होटल अलग-अलग हिस्से में बने थे।
दोनों भवनों के बीच में एक बड़ा सा लॉन था। बताया कि मंगलवार को छठे दिन भी भवन को ढहाया गया। भवन की मजबूती के अलावा रेल ट्रैक के कारण जिला प्रशासन ने इसे ढहाने के लिए लखनऊ से तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली।
मंगलवार को लखनऊ से आए एलडीए व लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की अगुवाई में टीम ने अवैध निर्माण ढहाया। वहीं कार्रवाई पर जिला अधिकारी अमृत त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह बराबर नजर रखे रहे। मौके पर भारी संख्या में पुलिस व पीएसी जवान तैनात दिखे।
भवन को ढहाने में जुटे कई विभागों के इंजीनियर
जिला प्रशासन ने यहां लोक निर्माण विभाग, रेलवे विभाग, विनियमित क्षेत्र, पावर कॉर्पोरेशन आदि के इंजीनियर को लगाया है। अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका अनुपम शुक्ला ने बताया कि भवन काफी मजबूत बना था। इसे ढहाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली गई। ईओ ने बताया कि स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स ढहाने के लिए लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर जीएस रविकुल को लगाया गया था। मल्टीप्लेक्स व होटल इन्हीं निगरानी में ढहाया गया।
मशीनरी पावर का इस्तेमाल
स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स गिराने के लिए मैन से ज्यादा मशीनरी पावर का इस्तेमाल किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि लखनऊ से ड्रिल मशीन, तीन पुकलैंड मशीन व कई जेसीबी इस भवन को ढहाने के लिए लगाई गई थीं।
रेलवे ट्रैक आया आड़े
स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स को गिराने में पिछले छह दिनों से जुटे जिला प्रशासन को काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। इस भवन के पास से गुजरी रेल लाइन के कारण भवन को ढहाने में टीम को दिक्कतें भी हुईं। कर्मचारियों को इस बात का पूरा ध्यान रखना होता था कि मलबा कहीं रेल ट्रैक पर न गिरें, जिससे ट्रेनों का आवागमन बाधित न हो जाए।
मल्टीप्लेक्स था मगर शुरू नहीं हुआ
शहर में करोड़ों की लागत से स्पर्श मल्टीप्लेक्स बना था पर लाइसेंस न मिलने की वजह से यह एक भी दिन नहीं चल सका। हालांकि लोग मल्टीप्लेक्स की ओपनिंग की राह ताकते रहे। शहरी चकाचौंध की तरह सीतापुर में यह पहला मल्टीप्लेक्स था पर अवैध निर्माण के चलते यह विवादों में घिर गया। मप्टीप्लेक्स के संचालन के लिए लाइसेंस पाने की कवायदें भी चलीं मगर शर्तें पूरी न होने की वजह से उसे लाइसेंस नहीं मिल सका। यही वजह है कि इसमें एक भी शो नहीं चल सके।
मलबेे की सुरक्षा में लगे सिपाही
स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स के ध्वस्त होने के बाद अब उसके मलबे की सुरक्षा को लेकर भी सिपाही लगाए गए हैं। मलबे में लोहे के कई किलो वजनी गाटर व सरिया समेत कई कीमती चीजें सड़क किनारे बिखरी पड़ी हैं। इसकी सुरक्ष्ाा को लेकर यहां सिपाही लगाए गए हैं।