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बैंक में ताला जड़ कर्मियों को बनाया बंधक

Tue, 10 Jan 2017 11:00 PM IST
Amarujala Bureau
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बैंक पर लगी लाइन।
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नोटबंदी के दो माह बाद भी जिले में ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों में हालात पटरी पर नहीं आ रहे हैं। रेउसा कस्बा में कैश न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को रेउसा स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में ताला जड़ बैंक कर्मियों को बंधक बना लिया।
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करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा चला। ग्रामीणों का आरोप था कि यहां पर लंबे समय से कैश नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने बैंक मैनेेजर व कैशियर पर मनमानी का आरोप लगाया है। मंगलवार सुबह भी रेउसा के खाताधारक इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक पहुंचे। यहां बैंक अधिकारियों ने बताया कि कैश मौजूद नहीं है। इस वजह से भुगतान नहीं हो सकता है।

यह सुनते ही खाताधारक भड़क गए। ग्रामीणों ने बैंक का शटर खींचकर ताला डाल जड़ दिया और प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि नोटबंदी के बाद से इस बैंक में मनमानी हो रही है। कोई खाताधारक दस दिन से दौड़ रहा है तो कोई 15 दिनों से। इसके बावजूद बैंक भुगतान नहीं कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बैंक में कैश रहता है।
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इसके बावजूद आम खाताधारकों को दरकिनार कर बैंक के अधिकारी व कर्मचारी अपने जानने वालों को ही भुगतान करते हैं। उधर, हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भुगतान कराने का भरोसा दिलाकर किसी तरह प्रदर्शन खत्म कराया, तब कहीं जाकर बैंक का शटर दोबारा खुल सका।

करीब डेढ़ घंटे तक यहां पर प्रदर्शन चला। हालांकि प्रदर्शन शांत होते ही बैंक खाताधारकों को भुगतान भी करने लगी। लोगों का कहना था कि जब कैश मौजूद नहीं था, तब भुगतान के लिए अचानक कैश कहां से आ गया। बैंक के मैनेजर हरिश्चंद्र का कहना था कि बैंक में कैश मौजूद नहीं था। जिसकी वजह से खाताधारकों को भुगतान नहीं किया गया।

लहरपुर प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की हालत बेहद खराब रही। यहां भी खाताधारकों की भीड़ उमड़ रही थी। सुबह 10:30 बजे के करीब खाताधारकों को बैंक ने दो हजार तो किसी को एक हजार रुपये भुगतान करना शुरू किया। दोपहर 12:30 बजे बैंक ने हाथ खड़े कर दिए।

बैंक के अधिकारियों का कहना था कि जितना कैश था बंट गया, अब कैश खत्म हो गया। जिसकी वजह से लाइन में लगे तमाम खाताधारकों को बगैर कैश के ही वापस घर लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि इस बैंक की हालत में दो माह बाद भी सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। कस्बा में मौजूद एटीएम मंगलवार को पूरी तरह से खामोश नजर आए।

सदरपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र की इलाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखाओं का इस क्षेत्र में भी बेहद बुरा हाल है। बैंकों से खाताधारकों को भुगतान नहीं हो रहा है। कुछ ऐसा ही हाल महमूदाबाद, बिसवां, सिधौली, मिश्रिख, महोली, हरगांव आदि कस्बों में मौजूद बैंकों का था। अधिकांश बैंकों में मंगलवार को भी खाताधारकों को भुगतान नहीं किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगे सारे एटीएम शोपीस बने नजर आए। जिला मुख्यालय पर स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक आदि बैंकों की शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ मंगलवार को भी देखने को मिली। यहां पर अधिकतम 24 हजार रुपये तक कैश भुगतान किया जा रहा था। जिला मुख्यालय पर 5 एटीएम चल रहे थे। इनमें 4500 रुपये तक कैश निकल रहा था। जिले के 102 एटीएम में सोमवार को महज 5 एटीएम ही चलते नजर आए।
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