सीतापुर। रेउसा के लखनऊ सेवा हॉस्पिटल में दो दिन पहले प्रसूता का ऑपरेशन संचालक ने फर्जी चिकित्सक बनकर किया था। इसी वजह से उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने बिना चिकित्सक की डिग्री के इलाज करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी अस्पताल संचालक को जेल भेज दिया गया है।
बढ़ईडीह निवासी पंक्षी (35) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने सात नवंबर को अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद एक बच्ची को जन्म हुआ। कुछ ही देर में पंक्षी की हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। विधायक सेवता ज्ञान तिवारी ने मौके पर पहुंचकर सीएचसी अधीक्षक को बुलाकर फटकार लगाई थी। डीएम ने इस घटना का संज्ञान लिया।
इसके बाद एसडीएम बिसवां शिखा शुक्ला, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. खुर्शीद जैदी व एसीएमओ डॉ. मनोज देशमणि के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की थी। इस जांच टीम ने मौका मुआयना किया। इसमें मालूम पड़ा कि अस्पताल केवल ओपीडी व आईपीडी के संचालन के लिए पंजीकृत है। ओटी से संबंधित कार्य की अनुमति प्रदान नहीं की गई थी और न ही पंजीकरण में निश्चेतक व ओटी सहायक की नियुक्ति है।
हाॅस्पिटल में संचालित ओटी के अंदर की वीडियो देखने से स्पष्ट है कि ओटी मानकविहीन है। संचालक मोहम्मद रजा के पास कोई भी मेडिकल से संबंधित डिग्री नहीं है। सीसीटीवी कैमरे में ओटी में केवल मोहम्मद रजा व उनका अन्य स्टाफ आते दिख रहा है। टीम ने माना कि मृतका का ऑपरेशन मोहम्मद रजा निवासी बहराइच द्वारा ही किया गया है।