सीतापुर। लखनऊ के केजीएमयू से हेपेटाइटिस का इलाज कराने वाले मरीज सीतापुर लौटाए जा रहे हैं। कारण यह है वहां जांच किट का अभाव है। इससे यह मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। रोजाना 10 से 12 मरीजों के वायरल लोड की जांच सीतापुर में हो रही है।
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की जांच व दवा की निशुल्क सुविधा उपलब्ध है। इसके बाद भी तमाम मरीज सीतापुर के बजाय सीधे केजीएमयू लखनऊ से इलाज कराना पसंद करते हैं। इस समय केजीएमयू में किट की किल्लत है। इससे यह मरीज सीतापुर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। यहां मरीजों का पहले वायरल लोड टेस्ट किया जाता है। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर दवाएं दी जाती हैं।
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के मरीजों का इलाज करने वाली डॉ. स्वस्ति वाजपेयी ने बताया कि एक सप्ताह से केजीएमयू में दिक्कत है। सीतापुर के मरीजों को वहां से सीधे जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल के माध्यम से ही अब जांच व इलाज की पूरी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
मई में मिले थे 110 मरीज
जिले में हेपेटाइटिस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बेहटा का सोनसरी व बिसवां विकासखंड के जहांगीराबाद गांव में हेपेटाइटिस के एक साथ कई मरीज मिलने के बाद लोगों में जागरूकता बढ़ी है। मई की बात की जाए तो जिला अस्पताल की जांच में 110 लोग हेपेटाइटिस संक्रमित मिले थे। हालांकि यह मरीज एक जगह के न होकर लहरपुर, खैराबाद, एलिया, बिसवां, महोली, तंबौर, सिधौली सहित अन्य इलाकों के थे। इन सभी की जांच करने के बाद इलाज शुरू हो गया है। जून में भी 70 मरीज सामने आ चुके हैं।
सीतापुर में है बेहतर सुविधा
सीतापुर में हेपेटाइटिस के इलाज सुविधा बेहतर तरीके से चल रही है। सीएचसी व जिला अस्पताल में जांच की सुविधा उपलब्ध है। जांच में मरीज सामने आने के बाद उनका पूरा इलाज किया जा रहा है।
डॉ. दीपेंद्र वर्मा, जिला सर्विलांस अधिकारी