सीतापुर। हेपेटाइटिस बी व सी से बीमार मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब इन मरीजों को इलाज के लिए न तो आर्थिक समस्याएं झेलनी पड़ेंगी और न ही उन्हें लखनऊ तक भागदौड़ करनी पड़ेगी। वे जिला अस्पताल में ही इलाज करवा सकेंगे। मरीजों को जांच के साथ दवाओं का भी लाभ मिलेगा। अस्पताल के दो चिकित्सकों को लखनऊ में ट्रेनिंग दी गई है। एक सप्ताह के अंदर ये सुविधा शुरू हो जाएगी।
चिकित्सकों का कहना है कि हेपेटाइटिस बी व सी एक गंभीर बीमारी है। इसका इलाज भी काफी महंगा होता है। इस बीमारी के जिला अस्पताल में इलाज की कोई सुविधा नहीं थी। न ही इस बीमारी की जांच के इंतजाम थे। जिला अस्पताल में अगर कोई मरीज आता था तो चिकित्सक उसे संदिग्ध मानते हुए जिला अस्पताल से बाहर जांच करवाने के लिए कहते थे।
अगर जांच में हेपेटाइटिस बी व सी से ग्रसित होता था तो उसे लखनऊ इलाज के लिए भेज दिया जाता है। इससे मरीजों को इलाज कराने के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती थी। अब मरीजों को इस व्यर्थ की आवाजाही से निजात मिल सकेगी। वह जिला अस्पताल में ही इस बीमारी का आसानी से इलाज करा सकेंगे। उन्हें इस महंगे इलाज के लिए आर्थिक समस्याएं नहीं उठानी पड़ेगी। वह निशुल्क ही अस्पताल से दवाएं प्राप्त करने के हकदार होंगे। जिला अस्पताल में एक सप्ताह बाद इसकी जांच व इलाज की सुविधा शुरू होने की उम्मीद की जा रही है।
सीएमएस डॉ. आरके सिंह का कहना है कि हेपेटाइटिस बी व सी गंभीर बीमारी है। अब इनके इलाज के लिए दवाएं व जांच की पूरी सुविधा है। हेपेटाइटिस बी का लंबा इलाज चलता है। वहीं, सी कुछ समय बाद ठीक हो जाता है।
दो चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण
जिला अस्पताल में दो चिकित्सकों को केजीएमयू लखनऊ में ट्रेनिंग दी गई है। जिला अस्पताल की पैथालॉजिस्ट डॉ. स्वाति बाजपेई व डॉ. नीरज गोयल को तीन से पांच फरवरी के बीच ट्रेनिंग देकर इलाज के तौर तरीके सिखाएं गए है। नोडल प्रभारी डॉ. स्वाति बाजपेई ने बताया कि अब मरीजों को अस्पताल में जांच के साथ ही इलाज भी मिल सकेगा।
क्या है हेपेटाइटिस बी व सी
चिकित्सक डॉ. जेएन सिंह का कहना है कि हेपेटाइटिस बी व सी का इलाज पर लाखों रुपये खर्च होते है। यह लिवर व संक्रमण पर निर्भर करता है। लिवर कितना प्रभावित हुआ है। कितने दिन में संक्रमण समाप्त होगा। पहले इन बीमारियों का इलाज नहीं था। अब यह बीमारी इलाज के बाद आराम से ठीक हो जाती है। जिला अस्पताल में इलाज शुरू होने से मरीजों को सुविधा मिलेगी।
उन्हें बीमारी पर लाखों रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे। मनुष्य के शरीर में लिवर भोजन को पचाने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए होता है। कई बार लिवर में इंफेक्शन हो जाता है। सूजन आ जाती है। जिस कारण यह सही से कार्य नहीं कर पाता है। उससे होने वाली बीमारी को हेपेटाइटिस बी कहते है। हेेपेटाइटिस ए व बी, सी, डी व अन्य होते है।
जल्द शुरू होगा इलाज
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी के इलाज की सुविधा शुरू होने जा रही है। दो चिकित्सकों को ट्रेनिंग दे दी गई है। जल्द इलाज शुरू हो जाएगा।
- डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल