सीतापुर। ज्येष्ठ माह में गर्मी प्रचंड रूप दिखा रही है। सोमवार को आसमान से आग बरसी तो धरती भट्ठी के समान तपने लगी। पारा उछलकर 43 डिग्री पर पहुंच गया। गर्मी से बेहाल राहगीरों के अलावा पशु-पक्षी भी पेड़ों की छांव तलाशते नजर आए। मंगलवार को तापमान बढ़ने से गर्मी के तेवर और तल्ख होंगे।
सोमवार को दिन की शुरुआत तेज धूप से हुई। करीब नौ बजे के बाद धूप बदन झुलसाने लगी। घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। दिन चढ़ने के साथ ही तापमान भी चढ़ता चला गया। दोपहर में सूरज की किरणें अंगारे बरसाने लगीं। तपिश इस कदर बढ़ी कि लोग घरों से बाहर निकलने से बचते रहे। बहुत आवश्यक कार्य होने पर ही वह बाहर निकले। पसीने से तर-बतर लोग छांव देखकर सुस्ताते नजर आए।
वहीं, उमस इतनी बढ़ गई कि घरों व दफ्तरों के अंदर भी लोग बेचैन रहे। पंखे और कूलर भी बेअसर साबित हुए। शाम पांच बजे तक चली लू ने जनजीवन बेदम कर दिया। भीषण गर्मी से पशु-पक्षी भी हाल-बेहाल दिखाई दिए। शाम छह बजे जब धूप की तपिश कम हुई तो लोगों को कुछ राहत मिली। वह अपने घरों से बाहर निकले। बाजारों में लोगों की आवाजाही दिखाई दी।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री व न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को भी कुछ इसी तरह का मौसम बना रहेगा। पारे में तेजी से गर्मी के तेवर और तीखे होने के आसार हैं।
पशुओं को छाया वाले हवादार स्थान पर रखें
मई माह के अंतिम दिनों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। जिले में तापमान 43 के आसपास है। भीषण गर्मी का असर पशुओं पर भी पड़ता है। पशु चिकित्सकों के अनुसार ऐसे में पशुओं में पानी व नमक की कमी, भूख कम होना एवं कम दूध उत्पादन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इसलिए पशुओं को गर्मी से बचाने का प्रयास करें। चिकित्सकों ने दुधारू पशुओं को दोपहर से शाम पांच बजे तक छाया वाले तथा हवादार स्थान पर रखने की सलाह दी है। पशुओं को दिन में चार से पांच बार ताजा पानी पिलाना आवश्यक है।