सीतापुर। जिला अस्पताल की जांच सुविधाओं में एक और इजाफा होगा। सुनने की क्षमता परखने की जांच अब लखनऊ के केजीएमयू के बजाय सीतापुर में हो सकेगी। करीब 12.54 लाख की कीमत से अत्याधुनिक बेरा (ब्रेनस्टेम इवोक्ड रिस्पांस ऑडियोमेट्री) मशीन लगाई जाएगी। इसके जरिये जांच होगी। शासन स्तर से जिला अस्पताल में मशीन की स्थापना की मंजूरी मिल गई है। उम्मीद है कि जल्द ही जांच शुरू हो जाएगी।
अब तक न तो जिला अस्पताल न ही किसी भी सीएचसी पर बेरा जांच की सुविधा उपलब्ध है। सुनने में परेशानी वाले बच्चों और मरीजों को उच्च स्तरीय जांच के लिए लखनऊ का रुख करना पड़ता है। खासतौर पर नवजात और बच्चों में सुनने की क्षमता की कमी का पता लगाना मुश्किल होता है। बच्चे अपनी परेशानी बता नहीं पाते हैं। ऐसे में इस मशीन से जांच करने में सुविधा रहेगी।
चिकित्सकों ने बताया कि बेरा मशीन सामान्य जांच से कुछ अलग है। यह कानों की श्रवण क्षमता के साथ-साथ तंत्रिकाओं की कार्यप्रणाली और दिमाग तक पहुंचने वाले ध्वनि संकेतों का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण करती है। इससे यह पता लगाया जाता है कि सुनने की समस्या कहां और किस स्तर की है। जांच के बाद वास्तविक स्थिति पकड़ में आ जाती है। समय से इलाज मिलने से दिक्कत दूर हो जाती है।
दिव्यांग प्रमाणपत्र में भी रहेगी सुविधा
श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। चिकित्सक उन्हें बेरा जांच के लिए लखनऊ रेफर कर देते हैं। वहां से जांच करवाने और रिपोर्ट मिलने में करीब 15 दिन का समय लग जाता है। अब जब यह जांच जिला अस्पताल में होगी तो उनको जल्द प्रमाणपत्र भी मिल जाएगा। भागदौड़ से निजात भी मिलेगी।
जिला अस्पताल में अलग बनेगा कक्ष
जिला अस्पताल में इसके लिए अलग से एक कक्ष बनाया जाएगा। ईएनटी विभाग के पास अभी केवल एक ही कमरा है। वहीं, इस जांच के लिए अधिक जगह की जरूरत पड़ेगी। इस पर जिला अस्पताल प्रशासन ने जगह तलाशने की कवायद शुरू कर दी है।
मिली है मंजूरी
जिला अस्पताल में बेरा मशीन लगाने की मंजूरी मिली है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर तरीके से सुविधा मिल सकेगी। उन्हें लखनऊ नहीं दौड़ना पड़ेगा।
डॉ. इंद्र सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल