मास्टरबाग (सीतापुर)। भीषण गर्मी के मौसम में पानी का संकट गहराता जा रहा है। वजह, कस्बे में लगे हैंडपंप शोपीस बने हुए हैं। कोई गंदगी तो कोई हैंडपंप मिट्टी के ढेर से घिरा हुआ है। लिहाजा, पानी खरीद लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
सिधौली-बिसवां मार्ग के किनारे मास्टरबाग कस्बा बसा है। रोजमर्रा जरूरतों की सामग्री खरीदने के लिए यहां आसपास कई गांवों के लोगों का आवागमन रहता है। बैंक शाखा, पुलिस चौकी, स्कूल इत्यादि के कारण भी रोजाना सैकड़ों लोग यहां पहुंचते हैं।
भीषण गर्मी में प्यास से गला सूखने पर लोगों को पानी मयस्सर नहीं होता है। दरअसल, कस्बे में आर्यावर्त बैंक के पास लगा हैंडपंप गंदगी की चपेट में है। यह हैंडपंप दूषित पानी उगल रहा है। वहीं, कृषि बीज भंडार के सामने लगा हैंडपंप माटी के ढेर में दब गया है। मिट्टी से घिरा हैंडपंप शोपीस बनकर रह गया है। जिम्मेदार देखकर भी अंजान बने हुए हैं। लोग बूंद-बूंद पानी लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं। मजबूरन, पानी का पाउच और बोतल खरीदकर प्यास बुझाते हैं।
रोजाना पानी के लिए खर्च करते 20 रुपये
मास्टरबाग में दुकान चलाने वाले राहुल यादव व आकाश बताते हैं, कि हैंडपंप खराब होने से पेयजल की समस्या है। इसलिए हर रोज 20 रुपये में पानी का केन खरीदना पड़ता है। नितिन चौरसिया ने बताया कि राहगीर प्यास बुझाने को पानी की बोतल व पाउच खरीदते हैं। नागरिकों ने हैंडपंप की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
पुलिस चौकी के पास लगे हैंडपंप में फिट कर लिया सबमर्सिबल
मास्टरबाग पुलिस चौकी के पास लगा हैंडपंप भी राहगीरों के काम नहीं आ रहा है। दरअसल, पुलिस कर्मियों ने इस हैंडपंप में सबमर्सिबल फिट करा लिया है। इसलिए यह हैंडपंप ढक गया है।
जल्द कराई जाएगी मरम्मत
मास्टरबाग जडौरा के प्रधान मो. आमिर ने बताया कि आर्यावर्त बैंक के पास लगा हैंडपंप चालू हालत में है। यदि दूषित पानी आ रहा है तो जल्द मरम्मत कराई जाएगी। कस्बे का कुछ हिस्सा कसमंडा ग्राम पंचायत में पड़ता है। कसमंडा प्रधान से इस समस्या काे लेकर कई बार बात की गई, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।