सीतापुर। परिषदीय जर्जर विद्यालयों के भवन ढहाने में अब तेजी आएगी। तीन बार की नीलामी के बाद अगर खरीदार नहीं मिलते हैं तो ग्राम पंचायत व विद्यालय समिति खुद ही इसे ढहवा देगी। भवन की सामग्री को ग्राम पंचायत व विद्यालय विकास के उपयोग में लाया जाएगा।
जिले में 730 परिषदीय विद्यालय के भवन जर्जर हो चुके हैं। इन स्कूलों में कहीं पर एक तो कहीं पर दो कमरे व शौचालय जर्जर हो चुके है। इन भवनों को ढहाए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
इनके ढहाने से पहले तकनीकी टीम मूल्यांकन करती है। इस टीम में आरईएस, पीडब्लूडी व बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर शामिल होते है। बीईओ मूल्यांकन के आधार पर ही उसकी नीलामी करवाते है। डेढ़ साल से विद्यालय भवनों को ढहाने की प्रक्रिया गतिमान है, लेकिन इसमें तेजी नहीं आ रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है इसमें सबसे अधिक दिक्कत मूल्यांकन में अधिक मूूल्य लगने को लेकर आ रही है। बोली अधिक होने से खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इसी वजह से भवन ढहाने नहीं जा रहे है। करीब 200 विद्यालयों की दो बार बोली लग चुकी है। अब इसमें तेजी आएगी। प्रत्येक विद्यालय की तीन बार नीलामी की जाएगी। इस दौरान अगर कोई खरीदार नहीं मिला तो उसे ग्राम पंचायत व विद्यालय समिति मिलकर ढहवा देंगी। बशर्ते यह नियम तभी फॉलो किया जाएगा जब तीन बार नीलामी हो चुकी होगी।
जमीदोंज होंगे जर्जर विद्यालय
मूल्यांकन अधिक होने से नीलामी नहीं हो पा रही है। अब नियमों में बदलाव हो गया है। जल्द ही जर्जर विद्यालय जमींदोंज करवा दिए जाएंगे।
अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए