सीतापुर। विकास विभाग में एक सरकारी वाहन का दो साल से दुरुपयोग किया जा रहा है। एक जिला स्तरीय अधिकारी की साठगांठ से इस वाहन को उपयोग के लिए एक निजी व्यक्ति को सौंपा दिया गया है। इस वाहन का इस्तेमाल सरकारी कार्यों को छोड़ कर संबंधित अफसर के व्यक्तिगत कार्यों में प्रयोग किया जा रहा है। मामले की शिकायत के बाद अब आला अधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
यह वाहन उसी अधिकारी के नाम पर अटैच है, जिनके ऊपर गोंडा डीएम ने भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही गोंडा की अपराध शाखा भी इनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर रही है। विकास विभाग के वाहन संख्या यूपी-34 जी- 0514 का बीते दो साल से गैर सरकारी उपयोग हो रहा है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि यह वाहन कलेक्ट्रेट से संबद्ध था। जिसे तकरीबन दो साले पहले मंगवाया गया था। इसके बाद इसे एक ब्लॉक से संबद्ध करते हुए संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी ने अपने प्रयोग में लेने के लिए मछरेहटा ब्लाॅक के एक गांव के रहने वाले प्राइवेट व्यक्ति की सुपुर्दगी में दे दिया। तभी से इस वाहन को संबंधित व्यक्ति की ओर से गैर सरकारी कार्य में प्रयोग किया जा रहा है।
इस संबंध में जिला विकास अधिकारी संतोष नारायन गुप्ता ने बताया कि इस मामले की शिकायत मिली है। इसके आधार पर गहनता से जांच कराई जाएगी कि वाहन कहां है। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट कार्रवाई की संस्तुति के साथ उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।