सीतापुर। कार्रवाई के नाम पर परिवहन विभाग लकीर पीटने का काम करता है। कोई घटना, दुर्घटना होने के बाद ही जिम्मेदारों को जिम्मेदारी की याद आती है। शुरुआती दौर में कार्रवाई के नाम चालान करने और चेतावनी जारी करने के बाद जिम्मेदारों की सख्ती सुस्ती में तब्दील हो जाती है। जी हां, ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि परिवहन विभाग के अफसरों की कार्यशैली इसकी तस्दीक कर रही है।
गाजियाबाद में स्कूल बस में जा रहे छात्र की बाहर झांकते समय हुई मौत के बाद शासन ने मामले का संज्ञान लिया और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। कार्रवाई का भी फरमान सुनाया। इसके बाद हुुक्मरान जागे हैं। जिले में सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। एआरटीओ प्रवर्तन, टीआई सड़कों पर उतरकर लोगों को जागरूक करने के खूब दावे कर रहे हैं।
कार्रवाई का ढिंढोरा भी पीटा जा रहा है। नियमों के उल्लंघन पर वाहनों का चालान भी कर रहे हैं। सख्ती दिखाने की कवायद कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में इसका कोई असर दिख नहीं रहा है। लोग खुलेआम सड़कों पर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में स्कूल बस के बाहर झांक रहे कक्षा चार के 10 साल के छात्र की लोहे के गेट से टकराकर दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे को हुए तीन दिन बीत गए, लेकिन जिले के जिम्मेदारों ने इस घटना से कोई सबक लेना जरूरी नहीं समझा। जिले के स्कूल वाहनों की जांच करने की एआरटीओ प्रवर्तन की ओर से जहमत नहीं उठाई गई, जबकि बसों की जांच की पूरी जिम्मेदारी एआरटीओ प्रवर्तन की ही है। शनिवार को एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय, टीआई फरीद अहमद ने संयुक्त कार्रवाई की। बसों की जांच की।
चार स्कूल वाहनों का चालान
शनिवार को एआरटीओ की ओर से जानकारी दी गई कि चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह के छठे दिन स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय, टीआई फरीद ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। चार ओवर लोड स्कूल बसों के चालान काटे गए। उनके चालकों को कड़ी चेतावनी दी गई। सड़क सुरक्षा सप्ताह के छठे दिन प्रदूषण जांच का अभियान भी चलाया गया। टीआई फरीद अहमद ने बताया कि एआरटीओ के साथ मिलकर स्कूल बसों की चेकिंग, मोडिफाई सालेंसर और ओवर स्पीड की जांच की गई है।