शत्रु संपत्तियों के सारे अधिकार अब सरकार के अधीन होंगे। इन संपत्तियों पर उत्तराधिकारी दावा नहीं कर सकेंगे। मंगलवार को लोकसभा व राज्यसभा में शत्रु संपत्ति विधेयक पास होने के बाद इन संपत्तियों के लिए यह कानून लागू कर दिया गया है।
यहां शत्रु संपत्ति के मामले में सबसे ज्यादा प्रापर्टी राजा महमूदाबाद की है। अब इस पर उनका मालिकाना हक खत्म हो जाएगा। सारी शत्रु संपत्ति सरकारी कब्जे में होंगी। जिले में शहर मुख्यालय, महमूदाबाद और बिसवां में शत्रु संपत्ति है।
शहर की शत्रु संपत्ति मौजूदा समय में प्रशासन के कब्जे में है। जबकि महमूदाबाद की प्रापर्टी राजा के कब्जे में है। बिसवां की शत्रु संपत्ति पर कब्जे को लेकर विवाद चला आ रहा था। जो नए कानून के बाद खत्म हो जाएगा। जिले में कितनी शत्रु संपत्ति है।
इसका कोई सही लेखा-जोखा प्रशासन के पास नहीं है। अफसरों के मुताबिक अभी तक इस संबंध में कोई निर्देश भी नहीं मिले हैं। हालांकि प्रशासन ने लेखपालों को शत्रु संपत्ति का ब्यौरा जुटाने के निर्देश दे दिए हैं।