समंदर की उन लहरों के हिलोरों की तरह सड़क पर उनकी कार डगमगा रही थी। सूबे की सड़कों की हालात पर राज्यपाल ने यह टिप्पणी सोमवार को मिश्रिख कस्बे में एक कार्यक्रम में पहुंचने पर की।
मिश्रिख मेला मैदान पर हेलीकाप्टर से उतरने के बाद राज्यपाल राम नाईक कार से करीब एक किलोमीटर की दूरी तय कर श्रीचंद भगवान लॉ कॉलेज के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे।
इस दौरान अपने भाषण में राज्यपाल ने खस्ताहाल सड़कों की तुलना समंदर की लहरों से की। इस पर सभास्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में शिक्षा की अहम भूमिका होती है।
इसलिए सभी को शिक्षा पर जरूर ध्यान देना चाहिए। बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयास करना चाहिए जिससे आज के बच्चे का कल बेहतर हो सके। राज्यपाल ने शिक्षा के व्यवसायीकरण को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि शिक्षा एक व्यवसाय हो गया है जिसकी वजह से शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। गरीबों के लिए शिक्षा दूर की कौड़ी साबित होती जा रही है। शिक्षण संस्थानों को अपने लाभ की जगह देश के भविष्य को भी ध्यान में रखने की जरूरत है।
राज्यपाल ने कहा कि नैमिष व मिश्रिख क्षेत्र ऐतिहासिक होने के साथ बेहतर शिक्षा की स्थली भी रही है। यह अच्छी बात है कि यहां पर कानून की शिक्षा देने वाले कॉलेज खुल रहे हैं।
उन्होंने शिक्षकों की तैनाती में पारदर्शिता बरतने की सलाह दी ताकि बेहतर शिक्षक तैनात हों और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके। कहा, कानून की पढ़ाई बेहद कठिन होती है। उसमें हर शब्द का महत्व होता है। कानून का एक-एक शब्द पीड़ित को न्याय दिलाने में सहायक होता है।