सीतापुर। एनसीसी मार्ग स्थित सभी दुकानदारों को गोरखा राइफल्स ने दुकानें खाली करने का नोटिस भेजा है। इसके बाद दुकानदारों ने बुधवार को डीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। दुकानदारों के अनुसार 35 साल पूर्व नगर पालिका परिषद ने उन्हें यह दुकानें आवंटित की हैं। इसके बाद से ही वह सभी अपना जीवकोपार्जन इन्हीं दुकानों से कर रहे हैं।
गोरखा राइफल्स के प्रशासनिक अधिकारी की तरफ से जारी नोटिस बुधवार को दुकानदारों को मिलने के बाद लोग परेशान हो उठे। डॉ. विनोद त्रिपाठी ने बताया कि वह 35 साल से दुकान में ही अपना दवाखाना चला रहे हैं। ऐसे में आर्मी ने नोटिस जारी कर दुकान खाली करने का जो निर्देश दिया है, वह सही नहीं है। इन दुकानों का स्वामित्व नगर पालिका का है।
नगर पालिका ने ही सभी दुकानदारों को दुकानों का आवंटन किया था। मेडिकल स्टोर संचालक राज नारायण टंडन ने कहा कि दवा की दुकान करते-करते 38 साल हो गए हैं। अब वह कहां दुकान खोलने के लिए भटकेंगे। आर्मी ने नोटिस दुकान खाली करने दी है, जबकि इन दुकानों का किराया तो नगर पालिका लेता है। पीड़ित दुकानदारों ने इस संबंध में डीएम को एक प्रार्थना पत्र देकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। सुभाष अस्थाना ने बताया कि पिछले 35 सालाें से इसी स्थान पर अलमारी बनाने का कारखाना चलाते हैं। यह सभी दुकानें आर्मी की जमीन पर नहीं बनी है। स्टील और लोहे का कारखाना चलाने वाले गौरव लेखवानी ने कहा कि आर्मी की नोटिस में दुकानें खाली करने की कोई तारीख नहीं लिखी है।