पांच सौ व हजार के पुराने नोट बंद करने के फैसले से सराफा बाजार पर व्यापक असर पड़ा है। जिले का पूरा बाजार औधे मुंह धड़ाम से गिर गया है। जहां करीब प्रतिदिन जिले में तीन करोड़ का कारोबार होता था।
गुरुवार को वह सिमटकर एक करोड़ के अंदर आ गया है। पिछले दो दिनों में करीब चार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। दुकानों पर सन्नाटा पसरा है। व्यापारी ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि यह मंदी जल्द समाप्त होने वाली नहीं है।
केंद्र सरकार ने दो दिन पहले पांच व हजार रुपये के नोट बंद कर दिए। इस फैसले के पहले जिले का सराफा बाजार गुलजार था। प्रतिदिन करीब तीन करोड़ का कारोबार होता था। जिसमें करीब 50 लाख रुपये का कारोबार शहर में होता था।
दुकानों पर भीड़भाड़ उमड़ती थी, लेकिन फैसला आते ही पूरे बाजार में सन्नाटा पसर गया। गुरुवार को यह कारोबार सिमटकर एक करोड़ के नीचे आ गया है। दो दिन में चार करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ है। व्यापारियों का मानना है कि जब तक ग्राहकों के पुराने नोट बदल नहीं जाएंगे, तब तक यही हालात बने रहेंगे।
बढ़ा भाव पर नहीं हुआ असर
इस फैसले से पहले सोना का भाव 27 हजार रुपये प्रति तोला था, लेकिन इस फैसले के बाद अचानक सोने के भाव में उछाल आ गया है। शुक्रवार को व्यापारियों का कहना था आज कोई भाव नहीं है। फिर भी सोना 30 हजार के आसपास बिक रहा है। यह इसलिए हो रहा है कि तमाम स्थानों पर जमकर सोने की बिक्री हो रही है, लेकिन जिले में यह पूरी तरह से सन्नाटा दिखाई दे रहा है।