हरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुआयने के दौरान शनिवार को एसडीएम सदर प्रभाकांत अवस्थी को यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी मिलीं। मरीजों को समय से पहले डिस्चार्ज करने के बाद वार्ड से निकालकर उसमें ताला लगा दिया गया था। अस्पताल के प्रभारी व दो अन्य संविदा डॉक्टर भी नदारद मिले। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी है।
एसडीएम प्रभाकांत अवस्थी शनिवार को जब हरगांव स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो उन्हें वार्ड में ताला लगा मिला। वार्ड के बाहर ही कई प्रसूताएं बैठी थीं। एसडीएम ने जब उनसे बात की, तो पता चला कि उन्हें शुक्रवार को ही प्रसव हुआ था। बच्चे के जन्म के बाद शाम को ही उन्हें डिस्चार्ज कर वार्ड से बाहर निकाल दिया गया। यही नहीं मरीजों को बाहर निकालने के बाद वार्ड में ताला भी लगा दिया गया, ताकि मरीज कहीं वार्ड में न पहुंच जाएं।
बाहर बैठी महिलाओं में भुडक़ुड़ी निवासी मोहनी, झरिया निवासी पिंकी, परसड़ा शरीफपुर निवासी रामदेवी, समरुनिशां, रुबीना आदि ने एसडीएम को बताया कि शुक्रवार को उनका प्रसव हुआ है। बच्चों के जन्म के कुछ घंटे बाद ही डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी और वार्ड में ताला लगा दिया। महिलाओं के परिवारीजनों ने बताया कि वे नियमानुसार छुट्टी चाह रहे थे, लेकिन डॉक्टरों ने समय से पहले ही प्रसूताओं को बाहर निकाल दिया।
बताया कि यहां पर प्रसूताओं व मरीजों को भोजन भी नहीं दिया जा रहा है। इतने गंभीर आरोप लगने पर एसडीएम ने इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ से जानकारी चाही, तब पता चला कि वे अस्पताल में मौजूद ही नहीं हैं। अस्पताल में तैनात अन्य डॉक्टरों के बारे में जानकारी ली गई, तो पता चला संविदा पर तैनात दो और डॉक्टर भी अनुपस्थित हैं।
इस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। एसडीएम ने बताया कि हरगांव स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बेपटरी मिली हैं। सबसे गंभीर विषय यह है कि प्रसव के बाद प्रसूताओं को समय से पहले डिस्चार्ज कर वार्ड में ताला लगा दिया गया। डॉक्टर भी नदारद मिले हैं। एसडीएम ने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है।