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27 बीघा जमीन घाघरा में बही

Sat, 29 Jul 2017 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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जिले के गांजरी क्षेत्र में घाघरा का सितम जारी है। रेउसा के तटीय इलाके में नदी कटान कर रही है। शुक्रवार रात रेउसा क्षेत्र के दो गांवों में 27 बीघा खेती कटकर नदी में बह गई। वहीं नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। नदी का रौद्र रूप देखकर तटीय क्षेत्र के बाशिंदे भयभीत हैं।
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घाघरा नदी म्योड़ी छोलहा व नगीना पुरवा के निकट कटान कर रही है। म्योड़ी छोलहा के बलराम व कल्लू की 12 बीघा खेती नदी में बह गई है। वहीं अन्य खेतों में भी नदी कटान कर रही है। नगीना पुरवा गांव के निकट नदी ने जोखू व मैलू का 15 बीघा खेत नदी में बह गया। चहलारी पुल के निकट मौजूद त्यागी बाबा का आश्रम भी कटान की चपेट में है।

नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। दुर्गापुरवा, रामलाल पुरवा व ठेकेदार पुरवा के निकट बाढ़ का पानी आबादी की तरफ बढ़ रहा है। चहलारी पुल के निकट खेती बाढ़ के पानी में डूबी हुई है। करीब 300 बीघा खेती इन दिनों जलमग्न है। उधर, पचीसा टापू पर भी बाढ़ का पानी बढ़ता जा रहा है। जलस्तर को बढ़ते देख टापू पर हड़कंप मचा हुआ है।
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यहां के बाशिंदे इस बात को लेकर भयभीत हैं, कि कहीं अचानक तेज बहाव का पानी टापू पर न आ जाए। ऐसी हालत में टापू पर मौजूद परिवारों का बच पाना मुश्किल होगा। वजह ये है कि टापू के दोनों तरफ घाघरा नदी बहती है। उधर घाघरा, बनबसा व शारदा बैराजों से 205725 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस पानी को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है, कि नदी अभी राहत देने के मूड में नहीं है। जो स्थिति बनी हुई है, वह स्थिति आगे के दिनों में भी बरकरार रहेगी।
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