सिधौली (सीतापुर)। कोतवाली इलाके में कोचिंग से घर जा रही छात्रा को अगवा कर ऑटो से ले जा रहे दो आरोपियों को यूपी 112 की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से छात्रा को सकुशल छुड़ा लिया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
अटरिया इलाके के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी (20) बीए प्रथम की छात्रा है। सिधौली कस्बे में कोचिंग गई थी। बताया जाता है कि कोचिंग के बाद छात्रा घर जा रही थी, इस बीच सिधौली इलाके में महमूदाबाद मार्ग पर बंदरिया बाग चौराहे के पास दो लोग आ गए और छात्रा को घेर लिया।
एक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दोनों ने छात्रा को ऑटो पर जबरन बैठा लिया। इसके बाद सिधौली इलाके में लालपुर चौराहे के पास पहुंचने पर छात्रा को दूूूसरे आरोपी की जाति के बारे में पता चला। विशेष समुदाय के होने की वजह से छात्रा उनके साथ किसी भी कीमत पर जाने को तैयार नहीं हुई और विरोध करने लगी।
इसकी जानकारी पाकर लालपुर चौराहे पर मौजूद यूपी 112 की पुलिस आ गई। यूपी 112 की पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से छात्रा को बचाया। इसके बाद तीनों को लेकर कोतवाली सिधौली लेकर आई। सूचना पाकर पीड़िता की मां कोतवाली पहुंची।
महिला का आरोप है कि दोनों आरोपी धर्म छिपाकर बेटी को अगवा करने के बाद दुष्कर्म करना चाह रहे थे। महिला की तहरीर पर पुलिस ने मामले में पीड़िता के गांव के एक आरोपी रंजीत और उसके साथी शाहजहांपुर निवासी मोनिस उर्फ कालिया के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक छात्रा का गांव के निवासी रंजीत के साथ लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। रंजीत गाजियाबाद में एक फैक्टरी में काम करता है। वहीं पर मोनिस से उसकी दोस्ती हो गई। रंजीत ने दोस्त को छात्रा के बारे में बताया और कई बार उससे फोन पर भी कराई।
छात्रा से मिलने के लिए दोनों आए थे। बताते हैं कि रंजीत पहले और मोनिस बाद में आया था। कोतवाल आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल मामला प्रेम-प्रसंग का है। हालांकि तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। शुक्रवार को दोनों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।