घाघरा के जलस्तर में मामूली गिरावट आई है, लेकिन नदी का कहर बाढ़ से भी भयानक हो गया है। नदी तटीय इलाके में तेजी से कटान कर रही है। मंगलवार रात से बुधवार तक 21 घर बर्बाद हो गए।
इनमें कुछ घर कटान की भेंट चढ़ गई, जबकि कई घरों को परिवारों ने ही ढहा दिया। कटान की भयावहता देख, प्रशासन भी हड़कंप में है। रेउसा क्षेत्र में एसडीएम खुद कैंप कर कटान पर नजर रख रहे हैं।
रेउसा में गोड़ियनपुरवा गांव में राम नारायन, राम सिंह, कीर्तन, रामभजन,कैलाश, छैलू, कुन्नू, पूरन, रामकुमार के घर कटकर नदी में समा गए। जबकि साकल व सोहन बाबा का परिवार पक्के मकान पर हथौड़े चला रहा है।
पासिनपुरवा गांव में रामदुलारे, मैकू, किशोरी, पैकरमा, डिपाट, शुभकरन, ब्रजमोहन, गया प्रसाद, सुशील व अनिल के घर भी कटकर घाघरा की धार में बह गए। मंगलवार देर रात तक दोनों गांवों के 21 परिवारों को ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से बजहा गांव के निकट पहुंचाया गया।
यहां पर पीड़ित परिवारों को रहने के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। उधर, पचीसा टापू पर घाघरा नदी कहर बरपा रही है। यहां नदी टापू की जमीन को तेजी से काट रही है। उधर शारदा, घाघरा व बनबसा बैराजों से 225854 क्सूसेक पानी छोड़ा गया है। तटीय क्षेत्र के नागरिकों की माने तो कटान से फुर्सत मिलेगी, तब बाढ़ कहर बरपाएगी।