वहीं किसानों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। इस बार नदी के कटान पर गौर किया गया, तब पता चला कि बीते दो दिनों में नदी तटीय क्षेत्र की 25 फीट जमीन काट कर सीतापुर जिले की ओर बढ़ आई है। हालांकि प्रशासन के पास ऐसा कोई आंकड़ा मौजूद नहीं हैं।
घाघरा नदी रेउसा क्षेत्र के ग्राम निर्मल पुरवा, गोड़ियन पुरवा, सिसैया बाजार, पासिन पुरवा, रामलाल पुरवा आदि दर्जन भर गांवों में कटान कर रही है। वहीं खेती योग्य जमीन भी काट रही है। बर्बादी का दंश झेल रहे राम लखन, पेशकार, संतोष कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि नदी बड़ी तेजी से कटान कर सीतापुर जिले की तरफ बढ़ रही है।
बीते दो दिनों में घाघरा नदी ने करीब 25 फीट दूरी तक खेती व आबादी की जमीन काटी है। जिसकी वजह से करीब 25 फीट तक घाघरा नदी जिले की तरफ बढ़ी है। वैसे तो नदी अब तक करीब 100 फीट तक जिले की तरफ खिसकी है। प्रशासन को भले ही सुधि न हो, लेकिन किसान परेशान हैं।
वजह यह है कि तटीय क्षेत्र की खेती योग्य जमीन खत्म होती जा रही है। इससे जिले में फसल की पैदावार में गिरावट आएगी। किसानों का यहां तक कहना है कि अभी तक प्रशासन की टीमों ने इस क्षेत्र में यह सर्वे किया ही नहीं है कि नदी ने खेती योग्य कितनी जमीन को निगला है।
उधर घाघरा, शारदा व बनबसा बैराजों से 143851 क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया है। बहरहाल यह पानी इतना नहीं है कि बाढ़ जैसी नौबत ला सके, लेकिन नदी द्वारा की जा रही कटान लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है।