सीतापुर। अंधे प्रेम और दौलत की हवस ने एक युवती को उसकी सहेली का दुश्मन बना दिया। आत्महत्या कर फंसाने की धमकी देकर युवती ने सहेली के पति को घर बुलाकर उसकी फोटो खींची। फिर फोटो एडिट करके सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर काफी रुपये ऐंठ लिए। बीएड करने के लिए 50 हजार रुपये युवक ने नहीं दिए तो युवती ने अपनी सहेली को फोटो भेजकर उससे रुपये मांगे। घर घुसकर मारपीट की। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हुआ है।
थाना अटरिया के बौनाभारी निवासी प्रीति देवी ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी एक सहेली ने कक्षा 12 तक साथ में पढ़ाई की है। प्रीति कोर्ट को बताया कि उसके पति का नाम पीयूष कुमार उर्फ केशवम है।
शादी से पहले उसकी सहेली ने केशवम से शादी का प्रस्ताव रखा था। केशवम ने उसे मना कर दिया। फिर केशवम ने नौ दिसंबर 2020 को उसके साथ विवाह कर लिया। इससे उसकी सहेली नाराज हो गई। जिसके बाद से उसकी सहेली उसके पति को मोबाइल नंबर बदल-बदल कर काॅल करती और मिलने के लिए दबाव बनाती थी। आत्महत्या कर केशवम को फंसाने की धमकी भी देने लगी।
विवश होकर उसके पति सहेली को समझाने उसके घर गए। इसी दौरान सहेली ने साजिशन उसके पति के कुछ फोटोग्राफ ले लिए। बाद में सहेली ने अपने जीजा के सहयोग से फोटो में छेड़छाड़ की और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर रुपयों की मांग करने लगी। अटरिया थानाध्यक्ष रोहित दुबे ने बताया िक कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच हो रही है।
ऐंठ ली एक लाख से अधिक की रकम
प्रीति के मुताबिक उसकी सहेली ने उसके पति को ब्लैकमेल कर 12 अक्तूबर 2023 को 20 हजार तथा 24 मार्च 2024 को 44 हजार अपने खाते में जमा करवाए। 20 हजार का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी पति से करा लिया। पति ने फोन-पे के माध्यम से 33,240 रुपये और भेजे, जिसका स्क्रीनशाॅट उसके पास है। सहेली 1,17,240 रुपये ऐंठ चुकी है।
पति हुआ मानसिक रूप से बीमार, चल रहा इलाज
पीड़ित युवती के मुताबिक उसकी सहेली के ब्लैकमेल करने और इतनी बड़ी रकम लिए जाने से पति की दुकान ठप हो गई। पति मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। केजीएमयू में उनका इलाज चल रहा है। उसकी सहेली ने व्हाट्सएप चैट पर बीएड की पढ़ाई के लिए फिर से 50 हजार रुपये की मांग की। पति ने इन्कार किया तो सहेली उक्त फोटो उसको भेजकर धन की मांग करने लगी। 29 नवंबर को उसकी सहेली व कई अन्य लोग जबरन घर में घुसे मारपीट व घर में तोड़फोड़ की।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
पीड़ित युवती के मुताबिक मारपीट की घटना की रिपोर्ट लिखवाने वह अटरिया थाने गईं। 3-4 दिन दौड़ाया गया। चार दिसंबर को उसने एसपी को पंजीकृत डाक से प्रार्थना पत्र दिया। अब अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज हो सका।