संदना इलाके में कॉम्बिंग करती वन विभाग की टीम। संवाद
संदना। बाघिन के ताजा पगचिह्न शनिवार को इमलीपुरवा से लेकर रसुलवा और कोडरी पुरवा की ओर मिले हैं। धनसेननगर के एक बुजुर्ग ने बाघिन को देखने का दावा भी किया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग अभियान चलाया, लेकिन बाघिन का पता लगाने में नाकाम रही।
मिश्रिख वन रेंज के रसुलवा में बाघिन के हमले से किसान कमल किशोर की मौत के 17 दिन बाद भी वन विभाग अंधेरे में तीर चला रहा है। बाघिन को पकड़ने की सारी कवायद सिर्फ कॉम्बिंग तक सीमित है। शनिवार को वन विभाग की टीम ताजा पगचिह्न मिलने के बाद भी बाघिन की लोकेशन तलाश नहीं कर पाई।
कॉम्बिंग अभियान चलाकर खेतों, बागों व झाड़ियों में रात-दिन खाक छानती रही। यह हाल तब है जब वन विभाग की कई टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं। अभियान के दौरान ड्रोन कैमरों, ट्रैप कैमरों और पगचिह्नों के आधार पर बाघिन की लोकेशन तलाशने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब तक उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिली है।
हालांकि, वन विभाग लगातार ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। रेंजर सिकंदर सिंह ने लोगों से अकेले खेतों और जंगल की ओर न जाने, रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बाघिन दिखने की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की है।