संदना। बाघिन ने इलाके में डेरा डाल रखा है। अपना ठिकाना बदलकर लगातार 15 दिनों से वन विभाग को चकमा दे रही है। बृहस्पतिवार को उसके ताजा पगचिह्न बिजुवामऊ से नेवादा के बीच मिले हैं। दिनभर कॉम्बिंग के बाद भी बाघिन का पता लगाने में वन विभाग की टीमें नाकाम रहीं। तीन दिन बाद फिर ताजा पगचिह्न मिलने से क्षेत्र में दहशत बढ़ गई है।
मिश्रिख वन रेंज के रसुलवा गांव निवासी किसान कमल किशोर पर 15 जुलाई को खेत में बाघिन ने हमला कर दिया था। हमले में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद हरकत में आए वन विभाग ने हमलावर बाघिन की तलाश में सर्च अभियान शुरू किया। मधवापुर में कमांड सेंटर बनाया गया।
बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने के लिए दुधवा से विशेषज्ञ बुलाए गए। पिंजरा व ट्रैप कैमरे लगाने के साथ बाघिन को लालच देने के लिए पड़वा बांधा गया। ड्रोन कैमरों से भी तलाश शुरू की गई। इसके बावजूद वन विभाग की टीमें बाघिन का सुराग नहीं लगा सकीं।
हालांकि, इस बीच ट्रैप कैमरे में बाघिन जरूर कैद हो गई। वन विभाग की ओर से बांधे गए पड़वा का बाघिन ने शिकार कर लिया। क्षेत्र में लगातार चहलकदमी करने वाली बाघिन के पगचिह्न अलग-अलग स्थानों पर भी मिले। फिर भी उसे पकड़ना तो दूर, वन विभाग स्पष्ट लोकेशन तक का पता नहीं लगा पाया।
इस बीच बृहस्पतिवार को एक बार फिर बाघिन के ताजा पगचिह्न पाए गए हैं। ये पगचिह्न बिजुवामऊ से नेवादा की ओर जाते नजर आए हैं। वन विभाग उस क्षेत्र में कॉम्बिंग तेज करने का दावा कर रहा है। दिनभर खेतों व बागों की खाक छानने के बाद वन विभाग की सारी कवायद हमेशा की तरह बेनजीता साबित हुई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, अकेले खेतों में न जाने तथा किसी भी संदिग्ध वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है। उधर, डर के साये में दिन काट रहे क्षेत्र के ग्रामीणों में ताजा पगचिह्न मिलने से दहशत बढ़ गई है।