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Sitapur News: गल्ला मंडी का निशुल्क धर्मकांटा बंद, भटक रहे किसान

Sat, 01 Jun 2024 08:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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खैराबाद (सीतापुर)। शहर स्थित नवीन गल्ला मंडी में लगे धर्मकांटे पर किसानों की फसल की तौल नहीं हो रही है। इससे वह प्राइवेट धर्मकांटे पर तौल कराने को मजबूर हैं। इसके लिए किसानों को तय धनराशि देनी पड़ रही है। शनिवार को कई बागवानों ने सरकारी कांटे में कुंडी लगी होने के कारण प्राइवेट कांटे पर तौल कराकर शुल्क दिया। इससे उनमें नाराजगी दिखी।
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किसानों का आरोप है कि गल्ला मंडी में धर्मकांटे के संचालक किसानों के साथ खेल कर रहे हैं। उन्हें अपनी तौल कराने के लिए निजी कांटों पर जेब ढीली करनी पड़ रही है। किसानों का आरोप है कि कांटा संचालक जानबूझ कर कांटा खराब होने की बात कहकर लौटा देते हैं। निजी धर्म कांटा संचालकों से साठगांठ के कारण किसान परेशान हैं।
शनिवार को खैराबाद क्षेत्र के कई किसान आम की फसल लेकर सीतापुर शहर स्थित नवीन गल्ला मंडी पहुंचे, उनका आरोप है कि जब वह मंडी में लगे निशुल्क कांटे पर तौल के लिए पहुंचे तो वहां पर उन्हें कुंडी लगी मिली। जब उन्होंने आसपास के लोगो से पूछा तो बताया गया कि सुबह आठ बजे तक तौल की जाती है, फिर बंद कर देते हैं।
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किसानों का आरोप, निजी धर्मकांटे से रहती है संचालक की सेटिंग
किसानों की मानें तो निशुल्क कांटा संचालक जानबूझकर इसे बंद कर देते हैं। उनकी प्राइवेट धर्मकांटों संचालकाें से सेटिंग रहती है। जब सरकारी कांटे पर तौल बंद होगी तो मजबूरी में किसानों को प्राइवेट कांटों पर तौल कराने के लिए जाना पड़ेगा। किसानों की जेब ढीली होने पर किसानों में आक्रोश है। क्षेत्र के किसानों में संतोष कुमार, बच्चू, राजू, राम प्रसाद, सुरेश आदि किसानों का कहना है कि शनिवार को गल्ला मंडी आम की फसल लेेकर गए, जब निशुल्क कांटे पर तौल कराने पहुंचे तो कुंडी लगी थी।
आसपास पता किया तो मालूम हुआ सुबह आठ बजे तौल हुई थी। आरोप है उसके बाद तौल प्रतिदिन बंद करके संचालक चले जाते हैं, ताकि हम लोगो को मजबूर होकर प्राइवेट कांटे पर तौल करानी पड़े। यहां पिकपअ तौल के लिए 50 रुपये और ट्राॅली की तौल के लिए 60 रुपये शुल्क लिया जा रहा है, किसानों का कहना है कि यदि ऐसे किसानों की जेबें तौल के नाम पर ढीली होती रही तो किसानों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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