रामपुर मथुरा। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को 118.20 मीटर पर स्थिर रहा। पानी खतरे के निशान 119 मीटर से 80 सेमी नीचे बह रहा है। बाढ़ग्रस्त गांवों में हालात सुधर रहे हैं, पर समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। कटान तेज होने से तटवर्ती चार आशियाने लहरों के निशाने पर आ गए हैं। इन घरों से नदी की धारा सिर्फ 10 मीटर दूर है। उधर, तीनों बैराजों से 3.56 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बाढ़ से राहत मिली तो तराई क्षेत्र में कटान कहर बरपाने लगा है। सरयू नदी के किनारे बसे बुचऊपुरवा, नागेश्वरपुरवा और लोधनपुरवा गांव कटान के मुहाने पर हैं। यहां के सुंदर, गुड्डू, बलई व सुरेश के घर लहरों के निशाने पर हैं। कटान करती हुई नदी की धारा इन घरों से सिर्फ 10 मीटर दूर है।
ग्रामीणों के मुताबिक कटान इसी गति से होता रहा तो किसी भी समय ये आशियाने सरयू में समा सकते हैं। हालांकि महमूदाबाद तहसील प्रशासन कटान की स्थिति को देखते हुए इन परिवारों को उनकी गृहस्थी समेत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुका है।
उधर, बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद गांवों के संपर्क मार्गों पर कीचड़ के कारण आवागमन बाधित है। संक्रामक रोगों का जोखिम भी बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की ओर से बाढ़ और कटान प्रभावित परिवारों को प्रतिदिन लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
रविवार को घाघरा बैराज से 1,55,103 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,26,620 और बनबसा बैराज से 74,662 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में हालात सामान्य होने की संभावना फिलहाल नहीं है।
-
बेलवा बरेती पर मंडराया कटान का खतरा
लहरपुर में शारदा नदी का जलस्तर रविवार को 134.85 मीटर दर्ज किया गया। तटवर्ती बेलवा बरेती गांव के पास धीमी गति से कटान हो रहा है। कटान तेज हुआ तो भारी तबाही मच सकती है। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। रविवार को बजरंग दल के जिला उपाध्यक्ष जय वर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ बेलवा बरेती पहुंचकर कटान की स्थिति देखी। ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उधर, सिंचाई विभाग की ओर से कटान से बचाव के लिए सीमेंट की बोरियों में बालू भरकर नदी के किनारे लगाया जा रहा है। इस मौके पर विनय कुमार वर्मा, अरुन कुमार वर्मा, सुमित वर्मा, पूर्व प्रधान बरेती नवलकिशोर व राजकुमार आदि मौजूद रहे।
वितरित किए जा रहे हैं लंच पैकेट
जिन ग्रामीणों के आशियाने कटान के नजदीक हैं, उन सबको सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर उनकी गृहस्थी के सामान सहित शिफ्ट कर दिया गया है। बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
-अभिषेक प्रियदर्शी, एसडीएम महमूदाबाद