रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 20 सेमी घटकर 117.90 मीटर पर पहुंच गया। पानी घटने के साथ शुरू हुई कटान थमने का नाम नहीं ले रही है।
मंगलवार को कनरखी के पास फसल समेत 17 बीघा खेत कटकर सरयू में समा गए। कटान होने से तटवर्ती गांवों के लोग दहशत में हैं। खेतों, रास्तों व घरों में भरा बाढ़ का पानी निकलने से अब हर तरफ कीचड़ फैला हुआ है। इससे लोगों मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। उधर, तीनों बैराजों से मंगलवार को 3.82 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
पिछले 24 घंटे में जिले में 43 मिमी बारिश हुई है। गांजर वासियों का मानना है कि खतरा अभी टला नहीं है। बाढ़ प्रभावित इलाके में नदियों का जलस्तर घटते ही कटान तेज हो जाती है। इस बार भी सरयू का पानी घटने के साथ सोमवार से कटान शुरू हो गई थी।
मंगलवार को जलस्तर 20 सेमी और कम हो गया। लिहाजा, कटान जारी है। कनरखी के पास हो रहे कटान में सुदर्शन व शंकर की आधा-आधा बीघा, मदन की एक बीघा तथा पारस की दो बीघा जमीन व फसल और कटकर नदी में समा गई है। सोमवार को भी इन्हीं लोगों के खेत कटे थे। लगातार कटान से ग्रामीण दहशत में हैं।
जलस्तर कम होने से खेतों, घरों व रास्तों में भरा पानी निकल गया है। अब रास्ते व घरों में फैला कीचड़ लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। बैराजों के पानी और बारिश से यहां के लोग अभी बाढ़ का खतरा टलने को लेकर आशंकित हैं। इसलिए तटबंध पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित अभी वापस लौटने के मूड में नहीं हैं।
रामू ने बताया कि बाढ़ का पानी घर से निकल गया है किंतु कीचड़ अधिक होने के कारण अभी तटबंध पर ही रहेंगे। रमदेई व मुन्नू ने बताया कि इस वर्ष प्रशासन से अभी तक कोई भी सहायता नहीं मिली है। टहलू ने बताया कि फसलों में बाढ़ का पानी भर जाने से खराब हो चुकी है। इस समय बरसात के कारण मजदूरी भी नहीं मिल रही है, इससे खाने-पीने की समस्या बढ़ रही है। अखरी निवासी किशन ने बताया कि इस समय बंधे पर ही परिवार के साथ रह रहा हूं। अभी बाढ़ आने की संभावना के कारण घर की सफाई नहीं कर रहे हैं।
जलस्तर घटने से हालात सामान्य
सरयू का जलस्तर कम होने से हालात सामान्य हैं। इस समय बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। तटबंध पर शरण लिए लोग भी अब धीरे-धीरे अपने घरों को लौटने लगे हैं।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद