रामपुर मथुरा/तंबौर। सरयू और शारदा नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। इससे तटवर्ती गांवों के बाशिंदों को बाढ़ से फिलहाल राहत मिल गई है। अब कटान गांजर वासियों के लिए आफत बन गई है।
सुंदरपुरवा में फसल समेत चार बीघा खेत कटकर सरयू में समा गए हैं। चार घर लहरों के निशाने पर हैं।
जिला प्रशासन के मुताबिक मंगलवार को सरयू के जलस्तर में 20 सेमी की कमी आई। रामपुर मथुरा क्षेत्र के अंगरौरा में लगे मीटर गेज पर मंगलवार को जलस्तर घटकर 118 मीटर दर्ज किया गया। खतरे के निशान से पानी अब एक मीटर नीचे बह रहा है।
नारायण ने बताया कि तटवर्ती निरंजन पुरवा, कनरखी, सोतीपुरवा, बलेसरपुरवा, गोमती पुरवा, अखरी, सुंदर पुरवा, लोधन पुरवा आदि गांवों में भरा बाढ़ का पानी निकल गया है। बिसंभर ने बताया कि पानी घटने के बाद सड़कों की बदतर हालत सामने आई है। सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं।
अत्यधिक कीचड़ के कारण निकलना दूभर है। शुकुलपुरवा के प्रधान श्रीराम ने बताया कि सुंदरपुरवा निवासी रामेंद्र की डेढ़ बीघा तथा शिवनाथ की ढाई बीघा जमीन नदी में कट गई है।
रामपुर मथुरा की खंड विकास अधिकारी प्रतिभा जायसवाल ने बताया कि रास्तों पर इस समय बाढ़ का भरा हुआ है, पानी निकलने के बाद खराब हुए रास्तों की मरम्मत कराई जाएगी। तंबौर इलाके में बहने वाली शारदा नदी का जलस्तर भी लगातार कम हो रहा है। इससे लखनीपुर के पास लहरों ने कटान शुरू कर दिया है। खेतों के बाद अब बाग को भी शारदा की धारा अपना निशाना बना रही है।
गांव की पक्की सड़क के बाद आबादी क्षेत्र कटान के मुहाने पर है। हालांकि सिंचाई विभाग की ओर से बचाव कार्य किया जा रहा है। बसंतापुर गांव में सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए डोला के उत्तर दिशा के हिस्से में खेतों में आंशिक कटान हो रहा है।
सिंचाई विभाग की ओर से यहां बम्बू क्रेट लगाए जा रहे हैं। तंबौर कस्बे के अहमदाबाद वार्ड में भरा बाढ़ का पानी भी निकल गया है। कस्बे के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का पानी निकलने के बाद फैली गंदगी से संक्रमण पनपने का खतरा पैदा हो गया है। बेहटा बीडीओ अरुण वर्मा ने बताया कि बाढ़ृ प्रभावित गांवों ने एंटी लार्वा का छिड़काव और फागिंग कराई जा रही है।