लोहिया ग्रामीण आवास योजना में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। वर्ष 2015-16 में चयनित समग्र ग्राम्य के लाभार्थियों के सत्यापन में से 147 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। डीएम ने मजिस्ट्रेट समेत जिला स्तरीय अफसरों से 838 लाभार्थियों की जांच कराई थी। खास बात ये है कि इससे पूर्व 51 जिला स्तरीय अफसर लाभार्थियों की जांच कर चुके थे। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर डीएम ने 12 बीडीओ समेत इन सभी 51 अफसराें को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
मालूम हो कि गरीबों को सरकारी आवास मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार लोहिया ग्रामीण आवास योजना संचालित कर रही है। लोहिया समग्र ग्राम के चयनित गांवों के लाभार्थियों को आवास दिए जा रहे हैं। वर्ष 2015-16 में शासन स्तर से जिले को इस योजना में 1155 आवास का लक्ष्य मिला था। पहले दौर में सीतापुर जनपद में 838 लाभार्थी चयनित हुए थे। ये लाभार्थी ग्राम, ब्लॉक व जिला स्तर के अफसराें की जांच के बाद चयनित हुए थे।
बाद में डीएम ने चयनित लाभार्थियों के खातों में आवास निर्माण की पहली किश्त रिलीज की थी। मगर पात्रों के चयन में धांधली की शिकायतें जिला प्रशासन के पास लगातार आ रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. इंद्रवीर सिंह यादव ने सभी मजिस्ट्रेटों समेत जिला अफसरों से चयनित सभी 838 लाभार्थियों की सूची का सत्यापन कराया। जांच में इन अफसरों को 147 लाभार्थी अपात्र मिले। इस पर संबंधित अफसरों ने डीएम को जांच रिपोर्ट दी थी।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रवीर सिंह यादव ने बताया कि, लोहिया ग्रामीण आवास योजना में चयनित लाभार्थियों का सत्यापन कराया गया है। इसमें 147 चयनित लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। मामले में बीडीओ सहित सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले 51 अफसरों को नोटिस जारी किया है। जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।