सीतापुर। शहर में एक बेटी ने पुरानी रूढ़िवादी परंपराओं को दरकिनार करते हुए सोमवार को अपनी मां को मुखाग्नि दी। दुख की घड़ी में एक बेटी के इस निर्णय को लोग क्रांतिकारी कदम मान रहे हैं।
लोहारबाग मोहल्ला निवासी मंजू खन्ना (60) के पति का काफी समय पहले निधन हो चुका है। मंजू को सिर्फ इकलौती पुत्री रुचि खन्ना (32) का ही सहारा था। करीब एक माह से बीमार मंजू का सोमवार को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। परिवार में कोई पुरुष सदस्य न होने के कारण रिश्तेदारों ने पांच लोगों द्वारा मिलकर मुखाग्नि देने की राय दी। मगर रुचि ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
कहा कि, वह खुद अंत्येष्टि करेगी। कुछ रिश्तेदारों ने रुचि के इस फैसले का विरोध किया मगर उसने पुरानी रुढ़िवादी परंपरा को तोड़ना का फैसला सुना दिया। इसके बाद शवयात्रा निकली तो रुचि ने अपनी मां को कंधा भी दिया। इसके बाद बाबा गोपाल घाट पर रुचि ने अपनी मां को मुखाग्नि देकर दाह संस्कार किया।