सीतापुर। सहालग के दौरान बैंड-बाजा बरात की धूम के बीच फूलों का कारोबार भी खिल उठा है। हल्दी, मेहंदी से लेकर जयमाल स्टेज और मंडप में फूलों की सजावट का बढ़ता क्रेज कारोबारियों के चेहरे की चमक भी बढ़ा रहा है। दूल्हे की सवारी (कार या बघ्घी) भी को भी फूलों से सजाया जा रहा है। इससे गुलाब और गेंदा की कीमतों में भी डेढ़ गुना तक उछाल आया है।
शादियों के बदलते ट्रेंड ने फूलों की मांग में इजाफा किया है। दरअसल, शादी कार्यक्रम में हल्दी व मेहंदी की रस्मों में भी लोग खूब सजावट कराने लगे हैं। शादी वाले दिन तो कार्यक्रम स्थल पर फूलों की सजावट के अलावा जयमाल स्टेज और मंडप भी सजाए जा रहे हैं। वहीं, बरात में दूल्हे के वाहन पर फूलों की सजावट खूब चलन में है। ऐसे में सहालग में शादी कार्यक्रमों को देखते हुए फूल व्यापारियों ने पहले से ही बुकिंग की व्यवस्था बनाई हुई है। इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त भुगतान की व्यवस्था भी रखी गई है। फूल कारोबारी बताते हैं कि अब तो लोग फूलों से मंडप, स्टेज और गेट तक सजवा रहे हैं। इसलिए गेंदा की मांग काफी ज्यादा बढ़ी हुई है।
इसके अलावा जयमाल, सेहरा, दूल्हे के वाहन आदि की सजावट के लिए गुलाब की खपत भी तेजी से बढ़ी है। आलम यह है कि गुलाब से लेकर गेंदा व अन्य तरह के सजावटी फूलों की मांग को आस पास के दूसरे जिलों से मंगा कर पूरा करना पड़ रहा है।
सहालग के पहले गुलाब का फूल 200 से 225 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। अब इसकी कीमत बढ़कर 300 से 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसी तरह 120 से 150 रुपये वाला गेंदा 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। सिंगल गुलाब की 25 रुपये में मिलने वाली स्टिक अब 35 से 40 रुपये की बिक रही है। फूलों की वैराइटी के हिसाब से बुके की दरें भी डेढ़ गुना तक बढ़ी हैं।
फूल व्यापारी मुन्ना ने बताया कि बदले समय के साथ मेहंदी व हल्दी की रस्म ने फूलों की सजावट का चलन बढ़ाया है। ऐसे में डिमांड बढ़ी है। दूल्हे-दुल्हन के वाहन को सजाने की बुकिंग 2500 से 3000 रुपये तक चल रही है। जयमाला स्टेज व मंडप से लेकर प्रत्येक जगह सजावट का अलग-अलग भाव रहता है। लखनऊ से फूल व सजावट की सामग्री रोजाना मंगाई जा रही है। डिमांड बढ़ने से भाव में भी बढ़ोतरी हुई है।