नाव से गृहस्थी का सामान लेकर जाते ग्रामीण। - संवाद
सीतापुर/रामपुर मथुरा। सरयू का जलस्तर बृहस्पतिवार को 10 सेमी बढ़कर 118.60 मीटर पर पहुंच गया। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी 40 सेमी नीचे है। शारदा नदी का जलस्तर पांच सेमी घटकर 135.10 मीटर रहा। पानी अब खतरे के निशान 135.49 मीटर से 39 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है।
रामपुर मथुरा इलाके में सरयू के तटवर्ती 17 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई घरों में बाढ़ का पानी भरा है। रास्ते और फसलें जलमग्न हैं। बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं कम होती नजर नहीं आ रही हैं। बैराजों से बृहस्पतिवार को 4.02 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रामपुर मथुरा इलाके में सरयू नदी का तटवर्ती क्षेत्र बाढ़ की चपेट में है। नागेश्वरपुरवा निवासी विश्राम, कोइली व दीना ने बताया कि घरों में अभी पानी भरा हुआ है। रास्ते जलमग्न होने से आवागमन की दिक्कतें बनी हुई हैं। छोटेपुरवा निवासी सर्वेश, अम्बर व विनोद ने बताया कि घरों में पानी भरा होने से दिनचर्या प्रभावित है।
नागेश्वरपुरवा के मोहन ने बताया कि गांव के चारों तरफ पानी होने के कारण नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक घरों में पानी भरा होने से सबसे ज्यादा समस्या खाना बनाने में हो रही है। प्रशासन की ओर से लंच पैकेट मिल रहा है। इससे भूखे नहीं रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में पानी भरा होने से पशुओं के चारे की समस्या गहराने लगी है। प्रशासन से भूसा वितरित कराए जाने की मांग लोगों ने की है।