जहांगीराबाद। केवानी नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से जहांगीराबाद का उत्तरी वार्ड नंबर तीन बाढ़ की चपेट में आ गया है। कई घरों में पानी भर गया है। इससे लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
हालात बिगड़ते देख प्रशासन की ओर से पंचायत भवन व स्कूल को बाढ़ पीड़ितों के लिए आश्रय स्थल बनाया गया है। प्रभावित परिवारों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तहसील प्रशासन कर रहा है। यहां 16 से अधिक परिवारों ने शरण ली है। इन्हें भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
केवानी नदी में उफान से तटवर्ती 20 गांवों के आसपास लगभग 500 बीघा फसलें जलमग्न हैं। कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से लोगों का आवागमन दूभर है। जोखिम उठाकर लोग पानी के बीच से होकर आवागमन कर रहे हैं। बाढ़ का पानी अब जहांगीराबाद कस्बे तक पहुंच गया है।
बृहस्पतिवार को लुकमान, कमरुद्दीन, महफूज, गुड्डू, मुनीर, जुबेर अहमद, टिन्नू, कयामुद्दीन, नसरुद्दीन, सलमान, रियाजुद्दीन, अशफाक, मुस्तकीम, आलिया, संतोष और सोहराब सहित कई ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंच गया। ग्रामीणों के मुताबिक नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।
कई अन्य घर भी बाढ़ की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, प्रशासन की ओर से पानी बढ़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित कई परिवारों को पंचायत भवन और प्राथमिक विद्यालय प्रथम में ठहराया गया है। करीब सात परिवार अपने रिश्तेदारों और मित्रों के यहां शरण लिए हुए हैं।
प्रशासन की ओर से आश्रय स्थलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। तहसील प्रशासन के अनुसार करीब 200 से अधिक लोगों को भोजन वितरित किया जा रहा है। बाढ़ की स्थिति पर तहसील प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
तहसीलदार बिसवां अनिल कुमार राम ने जहांगीराबाद पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। नायब तहसीलदार सुधीर कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्रीय लेखपाल नीलेश कुमार यादव गांव में डेरा डालकर स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।