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चार गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Sun, 30 Jul 2017 09:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पहाड़ों पर हो रही बारिश व बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से घाघरा उफान पर है। लगातार जलस्तर में वृद्धि से रेउसा के चार गांवों में पानी घुस गया है। वहीं खेतों में पानी भरा है। नदी का रौद्र रूप देखकर तटीय क्षेत्र के बाशिंदों में हड़कंप मचा है। लोग घरों का जरूरी सामान समेटकर पलायन कर रहे हैं। जहां तटीय इलाके में घाघरा नदी का कहर बरप रहा है। वहीं नदी के बीच टापू पर भी घाघरा कहर बरपा रही है। टापू का काफी भाग बाढ़ की चपेट में आ गया है।
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 रेउसा क्षेत्र में शनिवार की रात घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई। नदी का पानी रामलाल पुरवा, पासिन पुरवा, कटैला पुरवा व कोनी गांवों में पानी घुस गया है। जलस्तर की बढ़ोतरी देखकर वहां के लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। नदी का पानी गांव के रास्तों पर बह रहा है। तटीय क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह से बढ़ोतरी जारी रही, तो जल्द ही गांव जबरदस्त तरीके से बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।

कोनी गांव से लेकर चहलारी पुल तक करीब 500 बीघा खेती योग्य जमीन डूब चुकी है। नई बस्ती, चहलारी, दर्जिन पुरवा आदि करीब 30 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। टापू पर बसे पचीसा गांव पर भी लोग डरे हुए हैं। टापू का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ चुका है। इससे टापू पर हलचल तेज हो गई है। टापू के बाशिंदे बाढ़ के खतरे को लेकर भयभीत हैं। उधर, रविवार को शारदा, घाघरा व बनबसा बैराजों से 218446 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर में और इजाफा होने की बात कही जा रही है।  
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पासिनपुरवा निवासी चंदा का घर शनिवार रात नदी में समा गया है। गांव के कई अन्य घर भी कटान के मुहाने पर हैं। गोडिय़नपुरवा निवासी उदयराज का घर भी कट गया है। इसी तरह से हुसैनी की 3 बीघा खेती भी कटकर घाघरा नदी में बह गई है।
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बैराजों से छोड़ा गया पानी
 
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