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Sitapur News: खेतों संग घरों में भरा बाढ़ का पानी

Mon, 22 Jul 2024 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियां लबालब हैं। नदी का पानी तटों की सीमा लांघकर गांवों में तबाही मचा रहा है। खेतों के साथ घर भी बाढ़ के पानी में डूबे हैं। बाढ़ग्रस्त गांवों में ईंधन के साथ मवेशियों के लिए चारे का संकट गहरा रहा है।
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रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 117.90 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार की तुलना में पानी 10 सेमी घटा है। हालांकि, बाढ़ प्रभावित पांच गांवों में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। बाढ़ के पानी से घिरे 12 गांवों के बाशिंदों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं।
गांवों में पानी भरा होने से उमस बढ़ गई है। गांव के रास्तों पर भरा कीचड़ लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। खेतों में पानी भरा होने से ईंधन व पशु चारे का संकट गहराने लगा है। ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित है, जबकि फसलें सड़ने का खतरा बना हुआ है। उधर, बैराजों से रविवार को 3 लाख 91 हजार 961 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। इससे गांजर के हालात फिर बिगड़ सकते हैं।
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सरयू व शारदा नदियों में पानी का उतार-चढ़ाव जारी है। सरयू का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 10 सेमी. घटने के बाद भी नदी का पानी अंगरौरा, अखरी, प्यारेपुरवा, बंगालीपुरवा व सोतीपुरवा में भरा हुआ है।
वहीं बलेसरपुरवा, फत्तेपुरवा, बाबाकुटी, चंद्रिका पुरवा समेत 12 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इन गांवों के लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। खेतों व संपर्क मार्गों पर पानी होने से ग्रामीणों के सामने ईंधन, जानवरों के चारे की समस्या गहरा गई है। शौचालयों व खेतों में पानी भरने से नित्यक्रिया के लिए भी दिक्कतें हो रहीं हैं।
वहीं, तीनों बैराजों से रविवार को नदी में 3,91,961 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। बैराजों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी तराई क्षेत्र के बाशिंदों की बेचैनी बढ़ा रहा है। गांजर वासियों का मानना है, कि अभी बाढ़ का खतरा टला नहीं है। ग्रामीणों का कहना है, कि बैराजों से रोजाना लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे सरयू में उफान आने पर हालात किसी भी समय बिगड़ सकते हैं।


खेतों में भरा पानी, उमस से हो रही परेशानी
अखरी निवासी गोगे ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव में भरा होने से उमस इतनी बढ़ गई है कि कि दिन व रात काटना मुश्किल हो रहा है। बिजली भी नहीं है। ऐसे में लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। सड़कों पर जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। लोगों के घरों में भी कीचड़ भर गया है, जिससे कई लोग तटबंध पर शरण लिए हुए हैं।




849 बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
लहरपुर (सीतापुर)। बाढ़ प्रभावित गांवों में तहसील प्रशासन ने रविवार को बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया। क्षेत्र के शाहपुर बाढ चौकी पर दहेली व पट्टी आदि ग्रामों के 849 प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत किट प्रदान की गई। नायब तहसीलदार अशोक यादव ने बताया कि सभी प्रभावित परिवारों को राहत किट का वितरण किया जाएगा।
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