सीतापुर/लहरपुर। सरयू नदी के बाद अब शारदा नदी भी मुश्किलें बढ़ा रही है। शारदा नदी खतरे के निशान 135.49 मीटर से एक सेमी ऊपर बह रही हैै। खेतों और रास्तों के अलावा घरों के भीतर तक बाढ़ का पानी भर गया है। तखत व चारपाई पर दिन कट रहा है। जिनके घर पक्के हैं वे छतों पर शरण लिए हैं।
शारदा नदी की बाढ़ से प्रभावित 21 गांवों के लोगों की समस्याएं कम होती नजर नहीं आ रही हैं। बाढ़ के पानी से घिरे 43 गांवों के लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित है। जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है। गिरिजापुरी के तीनों बैराजों से रविवार को 3.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
लहरपुर प्रतिनिधि के अनुसार शारदा की बेकाबू लहरों ने 64 गांवों को चपेट में ले रखा है। भदफर, रमुवापुर, मंझरी कारिंदा, तेजवापुर, सुंदर मझरी, पासिन मझरी, डिंगरी समेत 21 गांवों के अंदर पानी अब भी भरा है। भदफर के अखिलेश ने बताया कि उनके घर के सामने पानी भरा है। कहीं आना-जाना कठिन है।
तेजवापुर के पंकज, द्वारिका व रामस्वरूप ने बताया कि घर में पानी भरा होने से रहने व खाने की समस्या हो रही है। छत पर तो कोई तखत पर चूल्हा रखकर खाना बनाता है। तीन दिन से पानी भरा होने के चलते संक्रामक रोग फैलने का डर भी सता रहा है।
विक्रम, रामपाल, सोहन व शिवकुमार ने बताया कि फसलें जलमग्न हैं, इससे सड़ने का खतरा बढ़ गया है। फसल खराब होने पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि दूरदराज के कई गांवों से संपर्क टूट जाने से राहत सामग्री नहीं भेजी जा पा रही है।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर बुलाकर राहत किट वितरित बांटी जा रही है। रविवार को लहरपुर के नायब तहसीलदार अशोक कुमार यादव, दीनानाथ यादव, राजस्व निरीक्षक दिनेश पांडे, राजकुमार पांडेय, सत्यभान सिंह, रूपेश श्रीवास्तव ने बाढ़ चौकी अमर नगर, मीतमऊ खंडवा, तेजवापुर में राहत सामग्री व लंच पैकेट वितरित किए गए।