सीतापुर के रामपुर मथुरा क्षेत्र में सरयू और चौका नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ पीड़ितों को राहत मिली है। घर लौटे लोगों को अब सफाई, मरम्मत और रोजगार की चुनौती झेलनी पड़ रही है। फसलों का नुकसान आंका जा रहा है।
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी का जलस्तर लगातार कम होने से तटवर्ती गांवों के लोगों काे फिलहाल बाढ़ व कटान से राहत मिल गई है। गांजर वासियों को अब कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ेगा।
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घर वापसी पर बाढ़ पीड़ितों के सामने सफाई और मरम्मत की चुनौती है। नए सिरे से जीवनयापन का संघर्ष भी इनके लिए आसान नहीं है। बाढ़ व कटान से इस साल शुकुलपुरवा सबसे ज्यादा प्रभावित ग्राम पंचायत है।
कटान पीड़ित बेनीराम व सीताराम आदि ने बताया कि अभी करीब 100 लोग घर व जमीन कटान में खोने के बाद मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। मुंशी ने बताया कि बड़ी तादाद में लोग भूमिहीन व बेघर हुए हैं। सारी सहायता केवल बाढ़ रहने तक मिलती है।
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उधर, चौका नदी का जलस्तर घटने लगा है। हालांकि अभी बाढ़ का पानी फसलों में भरा है। इससे फसलों के नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। बाढ़ पीड़ितों ने स्वावलंबन के लिए छोटे-छोटे स्वरोजगारों का प्रशिक्षण दिलवाकर रोजगार स्थापित करने के लिए बैंक से ब्याज रहित लोन दिलवाए जाने की मांग की है।
नुकसान का कराया जा रहा सर्वे
सरयू नदी का जलस्तर अब काफी कम हो गया है। चौका नदी के जलस्तर में भी कमी आई है। हालांकि, किसानों की फसल जलमग्न है। अभी फसल का अधिक नुकसान नहीं है। नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।