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...तो इस बार भी बाढ़ में बह जाएंगे आशियाने

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तंबौर (सीतापुर)। बारिश शुरू होने के साथ ही शारदा नदी की लहरे हिलोरे मारने लगी हैं। उफनाती लहरों से तटीय गांवों के लोग सहमे हैं। कारण, अब तक स्टड निर्माण का कार्य करीब साठ फीसदी ही हो सका है। बारिश होने से नदी का जलस्तर बढ़ने से स्टड पर खतरा मंडराने लगा है।
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बाढ़ की स्थिति में अधूरा स्टड निर्माण उफनाई लहरों को रोक पाने में कितना कारगर साबित होगा, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। बारिश से निर्माण कार्य प्रभावित भी हुआ है। विकासखंड बेहटा के अंतर्गत शारदा नदी के मुहाने पर बसे बसंतापुर, कोल्हुआ पुरवा, अकबरपुर,मानपुर व रायमंडोर आदि गांवों को बाढ़ व कटान से बचाने के लिए स्टड निर्माण परियोजनाएं संचालित है।
इसके लिए सिंचाई विभाग को धन आवंटित कर कार्य को बाढ़ से पूर्व पूरा करने के निर्देश शासन से दिए गए थे। इसके उलट अफसरों की लापरवाह व सुस्त कार्यशैली से परियोजना अभी तक अधूरी है। बसंतापुर के बाशिंदों का कहना है कि जिस रफ्तार से कार्य किया जा रहा है।
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उससे नदी के कटान का रुकना मुमकिन नहीं है। अभी तक परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत काम ही हो सका है। अनेक स्थानों पर अभी तक जियो बैग नहीं भरे जा सके है। परक्यूपाइन भी कमजोर है। नदी की तेज धारा में परक्यूपाइन बह जाने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
पहाड़ों पर होने वाली भारी बारिश और जिले में मानसून के दस्तक देने से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। बचाव के लिए बनाए गए कई स्टडों पर जल वृद्धि होने से पानी चढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी इस कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
यहां केवल मजदूरों के सहारे काम हो रहा है। अब बारिश शुरू होने से काम प्रभावित होगा। लिहाजा, बाढ़ व कटान की संभावना से तटीय गांवों के बाशिंदे भयभीत हैं।
गांजर में गहराया चारे का संकट
रेउसा (सीतापुर)। बारिश शुरू होने और घाघरा का जलस्तर बढ़ने से गांजरी क्षेत्र के बाशिंदे हर पल बाढ़ की संभावना को लेकर भयभीत हैं। तीन दिनों से रुक-रुककर होने वाली बरसात के कारण जानवरों के चारे का संकट गहराने लगा है।
जंगल टपरी के भगौती, लोधन पुरवा के श्रीकेशन आदि बढ़ते जलस्तर को देखकर जानवरों को अभी से सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया चारे के संकट है। कब कितने वक्त बाढ़ आ जाए, कहा नहीं जा सकता। इसलिए जानवरों को ऊंची जगह पर ले जा रहे हैं।
बुजुर्ग लापता, नदी में बहने की आशंका
थानगांव थाना क्षेत्र के आजाद नगर निवासी जसकरन (60) घाघरा नदी के पार बीच टापू पर रहते थे। वहां रहकर खेती की देखभाल करते थे। परिवारीजनों ने बताया रविवार दोपहर वह घर के लिए निकले थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंचे। रास्ते में घाघरा से मिला हुआ काफी गहरा नाला है।
परिवारीजन उसमें डूबने की आशंका जता रहे हैं। काफी खोजबीन के बाद सोमवार शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिला था। नदी के कनारे किनारे तलाश कर रहे हैं। थाना प्रभारी संजीव कुशवाहा ने बताया ऐसी कोई सूचना नही मिली है।
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