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सरयू में समा गए शिव मंदिर समेत पांच घर

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सीतापुर। जितनी तेजी से सरयू का जलस्तर कम पड़ रहा है उतनी ही तेजी से नदी की धारा तटीय क्षेत्र में कटान कर रही हैं। गांजर में मंगलवार को लगभग 33 बीघा खेती कटान की भेंट चढ़ गई। रेउसा के परमेश्वरपुरा में शिव मंदिर समेत पांच घर सरयू में समाहित हो गए। लहरों ने 15 और मकानों को निशाने पर ले लिया है।
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वहीं, रामपुर मथुरा इलाके में बाढ़ का पानी घटने के बाद कच्चे मकानों पर आफत आ गई है। पिछले कई दिनों से भरा बाढ़ का पानी खिसकते ही कच्चे घर व झोपड़ी ढहने लगी है। जिले में सरयू नदी का जलस्तर घटकर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे चला गया है।
परमेश्वरपुरा के शिव मंदिर समेत फौजदार, रामलखन, पैकरमा, पेशकार व सियाराम के घर मंगलवार को सरयू में समा गए। जबकि परमेश्वर, गोपाल, गयादीन, लक्ष्मी नारायण, लालाराम, सकटू, विश्राम, सरदार, रामू, तिलकू, रमेश, राम नरेश सहित 15 मकानों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। इन मकानों से नदी का बहाव महज 10 फीट दूर है।
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लगभग 20 बीघा खेती भी कटान की भेंट चढ़ गई है। उधर रामपुर मथुरा इलाके में सरयू का जलस्तर घटने के साथ ही अखरी व अंगरौरा में कटान तेज हो गई है। अखरी में प्रह्लाद की 3 बीघा, राजेश की ढाई बीघा, रमेश बाबू की 3 बीघा, सोहनलाल की 5 बीघा और अंगरौरा गांव के मुन्नू गौतम की 2 बीघा जमीन सरयू की धारा में समा गई। इसके साथ ही अंगरौरा में राकेश का छप्परयुक्त घर सरयू की धारा से महज 5 मीटर की दूरी पर है।
सरयू नदी भीषण कटान करते हुए जसुई नाले में मिल चुकी है। इससे अखरी, शंकरपुरवा व परमगोंडा के लिए मुसीबत पैदा हो सकती है। चूंकि यह नाला इन तीनों गांवों की बस्ती के बिल्कुल पड़ोस से गुजरता है। अब यदि जलस्तर बढ़ा तो नदी की धारा जसुई नाले के कारण गांव में दो छोर से कटान कर सकती है।
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