जिले में दिमागी बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में दिमागी बुखार के पांच मरीज भर्ती कराए गए। तीमारदारों का कहना है कि सीएचसी में इलाज की व्यवस्था नहीं हैं, जिस कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मिश्रिख के रामपुर मढ़िया में राजू के पुत्र विनीत (15) को गुरुवार देर रात तेज बुखार आया। परिवार सुबह होने का इंतजार करता रहा। इसी बीच राजू बेेहोश हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
विनीत को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी गांव के बाबूराम का पुत्र अंगूर (20), भैनू (30) समेत कई अन्य लोग बुखार की चपेट में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। रामकोट के मझाकरिया निवासी ओमकार मिश्रा (60) दो दिनों से बुखार की चपेट में थे।
शुक्रवार को वे बुखार के कारण बेेहोश हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी तरह से रामकोट के ग्राम राजपुर निवासी जगदीश के डेढ़ वर्ष के पुत्र राज को गुरुवार की रात बुखार आया।
सुबह परिवार ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डाक्टरों ने बताया कि राज दिमागी बुखार की चपेट में है। उसे जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया है।