अपर सत्र न्यायाधीश संजय पांडेय ने गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों व उनकी बहन समेत पांच को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने की।
बिसवां के ग्राम जफराबाद मजरा बेनीपुर निवासी राम खेलावन ने 22 मई 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राम खेलावन के मुताबिक 21 मई को उसकी लड़की की बारात आई हुई थी। तभी द्वारचार के समय गांव के ही विश्वनाथ के लड़के जरमन अश्लील गाना बजाने व डांस करने का दबाव बनाने लगा।
बारातियों के मना करने पर गांव के ही सुरेंद्र, छविराम व बाबूराम ने उसे समझा-बुझाकर हटा दिया। जिसकी नाराजगी के चलते जरमन अपने पिता विश्वनाथ तथा परिवार के हरिनाथ, वेदनाथ, शिवनाथ, संजय, सोबरन व बहन गुलशन के साथ रात में 2 बजे वहां आ पहुंचा।
इन लोगों ने लाठी-डंडे व बांके से प्रहार कर घर वापस आ रहे सुरेंद्र की पिटाई कर दी। जिसकी इलाज के दौरान बिसवां अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने हरिनाथ, जरमन, संजय, सोबरन व श्रीमती गुलशन को घटना का दोषी पाया। न्यायाधीश ने इन सभी को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।