पंचायत चुनाव में पहले चरण की निर्वाचन प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। नामांकन के पहले दिन जिला पंचायत सदस्य पदों की 21 सीटों के लिए 156 लोगों ने परचे भरे। जबकि 497 क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के सापेक्ष 2067 उम्मीदवारों ने नामांकन किया।
प्रथम चक्र की प्रकिया के दौरान मिश्रित, गोदलामऊ, मछरेहटा,कसमण्डा, सिधौली ब्लॉकों के नामांकन स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सोमवार सुबह से उम्मीदवार समेत समर्थकों की भीड़ जिला और ब्लॉक मुख्यालय पर उमड़ने लगी थी। दोपहर को इनकी भीड़ देखने लायक थी।
सुबह आठ से देर शाम तक चली नामांकन प्रक्रिया में काफी गहमा-गहमी रही। जिला मुख्यालय की सदर तहसील में डीडीसी पद के लिए पूर्व मंत्री रामकृण्ण के पुत्र, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय भार्गव ने किया।
इनके अलावा उनकी बहू अनुपमा भार्गव, प्रदेश के कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी के पुत्र प्रदीप राजवंशी, मनोज राजवंशी व बहू संगीता राजवंशी, भाजपा नेता कमला रावत आदि ने भी नामांकन पत्र दाखिल किए। निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक पांच ब्लॉकों में 159 लोगों ने परचे दाखिल किए। मंगलवार को भी नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।
डीएम इन्द्रवीर सिंह यादव व एसपी कवीन्द्र प्रताप सिंह ने ब्लॉक पहुंचकर नामांकन प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान अफसरों ने ब्लॉक में लगाई गई बैरीकेडिंग व सुरक्षा व्यवस्था परखी। आचार संहिता का पालन कराते हुए शांति पूर्ण प्रक्रिया सम्पंन कराने के लिए मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
नामांकन को लेकर की गई सुरक्षा व्यवस्था से लोग हलकान रहे। आंख अस्पताल मार्ग पर पुलिस का कड़ा पहरा था। कलेक्ट्रेट सहित सदर तहसील व विकास भवन आदि कार्यालयों में आने-जाने वाले को जहां रोका गया, वहीं लोगों से बदसलूकी भी गई। नामांकन कार्य में लगें लोगों के पानी, जलपान से भी महरूम रहना पड़ा।
तीन दिन की बंदी के बाद बैंक खुली तो लोगों की भीड़ वहां पर उमड़ पड़ी। सर्वाधिक मारामारी एसबीआई की मुख्य ब्रांच में चालान जमा करने को लेकर रही। उम्मीदवारों के समर्थक लाइनों में लगकर जमानत धनराशि जमा करते देखे गए। दो बजे के बाद बैंक बंद होने पर नामांकन स्थल पर ही नगद जमानत राशि जमा की गई।