डीआईओएस ने जिले के 202 माध्यमिक वित्त विहीन कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई शिक्षकों का जातिगत ब्यौरा न देने पर की गई है। नोटिस के जरिए विभाग ने कॉलेजों से तीन दिन में शिक्षकों का ब्यौरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
सीतापुर में 242 माध्यमिक शिक्षा के वित्त विहीन माध्यमिक कॉलेज है। इन कॉलेजों के शिक्षक लंबे अरसे से मानदेय की मांग कर रहे है। मांग पूरी न होने पर वह धरना प्रदर्शन से लेकर विधानसभा का घेराव कर चुके है। इस पर शासन ने शिक्षकों का जनशक्ति निर्धारण करने का फैसला किया था।
इसके लिए कॉलेजों से कार्यरत शिक्षकों का 12 बिदुंओं पर ब्यौरा मांगा था। इस ब्यौरा को सभी कॉलेजों ने उपलब्ध करा दिया है। उसके बाद शासन ने अगले चरण में शिक्षकों के जातिगत (सामान्य, अनुसूचित जाति, जन जाति व ओबीसी) का ब्यौरा मांगा है। डीआईओएस ने 14 अगस्त तक सभी कॉलेजों से जानकारी देने के निर्देश दिए थे। इस अवधि तक केवल 20 कॉलेजों ने ही जानकारी दी।
इनके द्वारा सूचना न देने पर डीआईओएस ने कॉलेज को नोटिस जारी कर 15 सितंबर तक जानकारी उपलब्ध कराने की हिदायत दी थी। लेकिन इन निर्देशों का कॉलेजों पर कोई असर नहीं पड़ा। सूचना न देने पर शासन को ब्यौरा भेजने में विलंब हो रहा है। अब तक महज 40 कॉलेजों ने ही जानकारी उपलब्ध कराई है। जबकि 202 कॉलेज जानकारी देने में लापरवाही बरत रहे है।
ऐसे में इन कॉलेजों को अंतिम नोटिस जारी किया है। इन्हें 30 सितंबर तक हर हाल में कार्यालय में जानकारी देने को कहा गया है। चेतावनी दी है कि अगर इस दौरान कॉलेज जानकारी नहीं देते है तो उनके खिलाफ मान्यता रद्द की कार्रवाई होगी।