वरासत दर्ज करने के लिए लेखपाल ने वारिस से सुविधा शुल्क की मांग की। पीड़ित ने रुपये मांगने की बातों को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और इसकी शिकायत उपजिलाधिकारी से की। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी ने लेखपाल को निलंबित कर दिया है।
औरंगाबाद निवासी राजेंद्र कश्यप ने क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से वरासत दर्ज करने के बदले 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। उपजिलाधिकारी प्रभाकांत अवस्थी से की गई शिकायत में बताया कि मृतक खातेदार रामस्वरूप की मौत के बाद वरासत दजे कराने के लिए वह क्षेत्रीय लेखपाल संजय पांडेय से मिला था।
वरासत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। बाद में लेखपाल ने वरासत दर्ज करने के लिए फोन कर 50 हजार रुपये की मांग की। उसने तीस हजार के लिए हामी भी भरी। पर लेखपाल बीस हजार के लिए बार-बार फोन करते रहे।
परेशान होकर पीड़ित ने लेखपाल की ओर से रुपयों की मांग करने वाली बात रिकॉर्ड कर उपजिलाधिकारी से शिकायत कर दी। इस पर उपजिलाधिकारी ने लेखपाल संजय पांडेय को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच नायब तहसीलदार अवनींद्र शुक्ला को सौंपी गई है।