सीतापुर। युवक के लापता होने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने डेढ़ साल बाद अपहरण की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़ित का आरोप है कि अपहरण जैसे मामले में भी सदरपुर पुलिस ने लापरवाही बरती। इस कारण उनको कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।
सदरपुर के घरथरी मजरा शिवपुर देवरिया निवासी जमील के अनुसार उनके पुत्र शहनुर का प्रेम-प्रसंग करीब दो साल से एक युवती से चल रहा है। पीड़ित ने जब अपने पुत्र को काफी समझाया तो वह कमाई करने के लिए मुंबई चल गया। वहां करीब आठ माह रुकने के दौरान वह युवती के परिजनों आरोपी साजिद, आसिफ, आमिर और सलमान को इस लालच से रुपये भेजता रहा कि उसका विवाह युवती से हो जाएगा।
जब उनका पुत्र वापस आया तो युवती के परिजनों ने विवाह से मना कर दिया। इसके साथ शहनुर को जान से मारने की धमकी दी। 17 अप्रैल 2024 को पीड़ित ने अपने पुत्र शहनुर को आरोपियों के साथ जाते हुए देखा। इसके बाद से वह लापता है। पीड़ित ने सदरपुर पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने कोर्ट का सहारा लिया। इसके बाद चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई।