सीतापुर। केंद्रीय आयुध भंडार में ड्यूटी पर तैनात पीएसी जवान की आत्महत्या मामले में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें मृतक की पत्नी, पत्नी की एक अन्य बहन व दो भाइयों को आरोपी बनाया गया है। कोर्ट के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
अमरोहा के ईश्वर देवा गांव निवासी अमित कुमार ने बताया कि उनके भाई हिमांशु मुरादाबाद स्थित 24 वीं वाहिनी पीएसी में जी दल में तैनात थे। हिमांशु का विवाह बिजनौर के हसनपुर बिल्लौच निवासी मोना रानी से दिसंबर 2024 में हुआ था। मोना उनके भाई को छोड़कर मायके चली गई थीं। घर वापस आने की बात कहने पर वह खुद आत्महत्या कर पूरे परिवार को फंसाने की धमकी देकर मानसिक तौर पर प्रताड़ित भी करती रहती थीं।
केंद्रीय आयुध भंडार, सीतापुर में तैनात हिमांशु के भाई का आरोप है कि 16 अगस्त को आरोपी मोना रानी, उनकी बहन काजल, भाई सोनू व सुमित ने हिमांशु को 113 बार कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इससे आहत होकर उनके भाई ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह भी आरोप लगाया कि हिमांशु की मौत के बाद आरोपी मोना रानी मृतक आश्रित में नौकरी व फंड हासिल करना चाहती हैं। उन्होंने इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच के साथ आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया। इसके बावजूद उनकी रिपोर्ट नहीं लिखे जाने पर सीजेएम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट के आदेश पर मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।