इस दौरान देवी मंदिरों व घरों में या देवि सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: मंत्रोच्चार भी श्रद्धालुओं ने किया। यह स्कन्दमाता की आराधना का मंत्र है।
नवरात्र के अवसर पर जगह-जगह देवी जागरण, हवन व कन्या भोज का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र के पांचवें दिन शनिवार की भोर से ही शहर के आलमनगर दुर्गा मंदिर, संतोषी माता मंदिर, चोटी देवी मंदिर, काली माता मंदिर, फूलमती माता मंदिर तरीनपुर, नवदुर्गा मंदिर, राणी सती मंदिर, पंजाबी धर्मशाला के दुर्गा मंदिर इत्यादि में श्रद्धालुओं का दर्शन व पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारें लग गई।
यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा है। इस दौरान देवी मंदिरों में दिनभर मां के जयकारे गुंजायमान होते रहे। धार्मिक नगरी नैमिषारण्य में भी आदि शक्ति मां ललिता देवी मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां की पूजा-अर्चना की और माथा टेककर उनका आशीर्वाद लिया। इसके अलावा ग्रामीण इलाके भी भक्ति भाव से सराबोर रहे।