सीतापुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सात से 16 सितंबर तक घर-घर अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार व क्षय रोग के लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान करेंगी। वेक्टर जनित रोगों के संभावित व्यक्तियों को चिह्नित कर उन्हें इलाज मुहैय्या कराने में मदद करेंगी।
शुक्रवार को सीडीओ संदीप कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला टॉस्क फोर्स की बैठक हुई। सीडीओ ने निर्देश दिया कि घर-घर अभियान में लगी सभी टीमों को ब्लॉक पर मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जाए। आशा व आंगनबाड़ी की टीम समय से पहले बना लें। समय से माइक्रोप्लान बनाकर सभी सहयोगी विभागों को भी शेयर कर दिया जाए।
बाढ़ वाले क्षेत्रों में अभियान पर विशेष जोर दिया जाए। जिले व ब्लॉक पर रैपिड रेंस्पॉस टीम को तैयार रखा जाए ताकि सूचना प्राप्त होते ही कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि बुखार से पीड़ित व्यक्तियों, कोविड व क्षय रोग के लक्षणयुक्त व्यक्तियों, नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों व 45 साल से अधिक आयु के जिन लोगों ने कोविड की पहली खुराक नहीं ली, उनकी पहचान करने और सूची बनाने के लिए सात से 16 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
एसएमओ डॉ. अपूर्वा चौहान ने कहा कि नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों की सूची बनायी जाएगी। उनका टीकाकरण किया जाएगा। लोगों को इस बात के लिए जागरूक करना है कि अपना कोविड टीकाकरण अवश्य कराए। पल्स पोलियो की तर्ज पर जिले के सभी घरों का भ्रमण कर सूची तैयार की जाएगी। अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की दो सदस्यीय टीम बनाई जाएगी। यह टीम घर-घर जाकर लोगों की सूचना एक निर्धारित प्रारूप में भरेंगी।
उन्होंने बताया कि टीम के सदस्यों को दो रीयूजेबल मास्क, सैनिनटाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर दिए जाएंगे। टीम द्वारा पल्स पोलियो की तर्ज पर हर घर की दीवार पर भ्रमण का अंकन किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद हर घर पर जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार स्टीकर लगाया जाएगा।
बैठक में एडीएम विनय पाठक, जिला विकास अधिकारी राकेश कुमार पांडेय, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह, डॉ. सुरेंदर सिंह व डॉ. उदय प्रताप आदि मौजूद रहे।