रेउसा (सीतापुर)। सरयू और शारदा नदियों का घटता-बढ़ता जलस्तर तटवर्ती गांवों के बाशिंदों की बेचैनी बढ़ा रहा है। रविवार को सरयू का जलस्तर 117.20 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में पानी 0.5 सेंटीमीटर घटा है। इसके बाद भी निचले स्थानों की ओर पानी का बहाव होने से गांजरवासियों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
सरयू के बीच जहां अभी तक रेत के टीले दिखाई देते थे अब लहरें हिलोरे मार रही हैं। बाढ़ की आशंका में लोग सुरक्षित ठिकाने तलाशने में जुटे हैं। खेत आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। सरयू के जलस्तर में मामूली कमी आने के बाद भी पानी का फैलाव बढ़ता जा रहा है।
तटवर्ती मेवडी छोलहा, श्रीराम पुरवा, धूसे पुरवा, गोड़ियन पुरवा, लोधन पुरवा, रामलाल पुरवा, गार्गी पुरवा, पासिन पुरवा, सुकई पुरवा, दर्जिन रेती आदि गांवों से पानी महज 100 मीटर दूरी पर बह रहा है। हालांकि, अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। इसके बाद भी लोग भयभीत नजर आ रहे हैं।
नगीनापुरवा की लक्ष्मी रविवार को नाव से नदी पार अपने खेत में धान की रोपाई करने जा रही थीं। लक्ष्मी ने बताया कि पानी काफी बढ़ गया है। नाव पर सवार बहरपुर के अमरजीत, नगीना पुरवा के हजारी आदि ने बताया कि पानी लगातार सूखे स्थानों पर फैल रहा है। नदी के अंदर जब नजर आने वाले रेत के टीलों पर पानी फैल जाएगा, तब बाहर निकलने का खतरा बढ़ जाएगा। पहाड़ों पर लगातार बारिश और बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी किसी भी समय यहां हालात बिगड़ सकते हैं।