संदना। अब बाघ प्रभावित इलाके में सियारों की एंट्री से दहशत बढ़ गई है। खेत जाना दूर, घर से निकलने में भी लोग घबरा रहे हैं। सोमवार को रघुनाथरपुर तेंदुआ गांव में पिता-पुत्र व चार भैसों पर दो सियारों ने हमला करके जख्मी कर दिया। इससे दहशत बढ़ गई।
रघुनाथपुर तेंदुआ गांव में सोमवार सुबह दो जंगली सियारों ने राजपाल सिंह (70) व उनके पुत्र रघुवीर सिंह (35) पर हमला कर दिया। दोनों सुबह करीब आठ बजे नित्यक्रिया के लिए गांव के बाहर खेतों की ओर गए थे। उसी दौरान झाड़ियों में छिपे दो जंगली सियारों ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
सियारों ने दोनों को बुरी तरह नोचकर घायल कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद सियार वहां से भाग गए। ग्रामीणों के अनुसार भागते समय दोनों सियारों ने कौशल की दो भैंसों, राम की एक भैंस और रामप्रकाश की एक भैंस पर हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर दोनों सियारों की घेराबंदी की। एक सियार को ग्रामीणों ने पीटा। वहीं, दूसरा जंगल की ओर भाग गया। फारेस्टर अनिल यादव ने बताया कि टीम को मौके पर भेजा गया है।
वहीं, वन विभाग के एसडीओ ब्रजेंद्र पांडेय ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर न जाने की अपील की है।